Monday, 20 April 2026

कविता. ५८४८. अफसानों को कदमों संग।

                        अफसानों को कदमों संग।

अफसानों को कदमों संग आवाजों की‌ पहचान उजाला देती है लहरों को खयालों की समझ किनारा देती है नजारों की आशा देती है।

अफसानों को कदमों संग इरादों की सुबह सौगात देती है एहसासों को जज्बातों की पुकार आवाज देती है तरानों की आशा देती है।

अफसानों को कदमों संग बदलावों की पुकार उमंग देती है अंदाजों को सपनों की आहट उम्मीद देती है खयालों की आशा देती है।

अफसानों को कदमों संग किनारों की आवाज मुस्कान देती है अरमानों को लम्हों की कहानी रोशनी देती है इरादों की आशा देती है।

अफसानों को कदमों संग दास्तानों की समझ बदलाव देती है इशारों को अल्फाजों की दुनिया कोशिश देती है आवाजों की आशा देती है।

अफसानों को कदमों संग उजालों की कहानी उम्मीद देती है दास्तानों को धाराओं की सोच तलाश देती है उजालों की आशा देती है।

अफसानों को कदमों संग जज्बातों की सुबह नजारा देती है किनारों को बदलावों की पुकार एहसास देती है धाराओं की आशा देती है।

अफसानों को कदमों संग लहरों की आहट कोशिश देती है अंदाजों को सपनों की परख सरगम देती है राहों की आशा देती है।

अफसानोंथ को कदमों संग इशारों की रोशनी अहमियत देती है इरादों को अल्फाजों की दुनिया सौगात देती है अदाओं की आशा देती है।

अफसानों को कदमों संग अंदाजों की पुकार सपना‌ देती है खयालों को अरमानों की कोशिश पहचान देती है किनारों की आशा देती है।



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कविता. ५८४८. अफसानों को कदमों संग।

                        अफसानों को कदमों संग। अफसानों को कदमों संग आवाजों की‌ पहचान उजाला देती है लहरों को खयालों की समझ किनारा देती है नजार...