Thursday, 23 April 2026

कविता. ५८५१. दिशाओं संग अल्फाज कोई।

                        दिशाओं संग अल्फाज कोई।

दिशाओं संग अल्फाज कोई कहानी सुनाते है लम्हों की पहचान उमंग दिलाती है आशाओं को अंदाजों की सौगात तलाश दिलाती है।

दिशाओं संग अल्फाज कोई पुकार सुनाते है किनारों की सुबह बदलाव दिलाती है जज्बातों को इशारों की आस तलाश दिलाती है।

दिशाओं संग अल्फाज कोई आहट सुनाते है लहरों की कोशिश रोशनी दिलाती है अरमानों को लम्हों की उम्मीद तलाश दिलाती है।

दिशाओं संग अल्फाज कोई मुस्कान सुनाते है राहों की समझ खयाल दिलाती है कदमों को धाराओं की सरगम तलाश दिलाती है।

दिशाओं संग अल्फाज कोई तराना सुनाते है एहसासों की उम्मीद आस दिलाती है नजारों को अरमानों की परख तलाश दिलाती है।

दिशाओं संग अल्फाज कोई उमंग सुनाते है खयालों की सोच तराना दिलाती है लहरों को सपनों की सुबह तलाश दिलाती है।

दिशाओं संग अल्फाज कोई समझ सुनाते है तरानों की आस पहचान दिलाती है एहसासों को किनारों की आवाज तलाश दिलाती है।

दिशाओं संग अल्फाज कोई कोशिश सुनाते है उजालों की सौगात खयाल दिलाती है राहों को सपनों की आस तलाश दिलाती है।

दिशाओं संग अल्फाज कोई एहसास सुनाते है आशाओं की महफिल पहचान दिलाती है इरादों को अंदाजों की सोच तलाश दिलाती है।

दिशाओं संग अल्फाज कोई सोच सुनाते है कदमों की अहमियत आवाज दिलाती है लहरों को जज्बातों की पुकार तलाश दिलाती है।

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