Saturday, 11 April 2026

कविता. ५८३९. आवाज की पुकार अक्सर।

                         आवाज की पुकार अक्सर।

आवाज की पुकार अक्सर अरमानों को सहारा‌ देती है जज्बातों को लम्हों की कोशिश किनारा देती है तरानों की पहचान देती है।

आवाज की पुकार अक्सर अंदाजों को उम्मीद देती है किनारों को कदमों की आस अफसाना देती है अदाओं की पहचान देती है।

आवाज की पुकार अक्सर दास्तानों को खयाल देती है एहसासों को उजालों की सुबह नजारा देती है धाराओं की पहचान देती है।

आवाज की पुकार अक्सर सपनों को परख देती है दिशाओं को इरादों की समझ तलाश देती है नजारों की पहचान देती है।

आवाज की पुकार अक्सर धाराओं को रोशनी देती है आशाओं को अल्फाजों की उम्मीद परख देती है राहों की पहचान देती है।

आवाज की पुकार अक्सर उजालों को मुस्कान देती है खयालों को लहरों की कहानी अहमियत देती है लम्हों की पहचान देती है।

आवाज की पुकार अक्सर इशारों को कोशिश देती है अरमानों को उम्मीदों की राह एहसास देती है बदलावों की पहचान देती है।

आवाज की पुकार अक्सर जज्बातों को सोच देती है धाराओं को अफसानों की सौगात लहर देती है इरादों की पहचान देती है।

आवाज की पुकार अक्सर दिशाओं को इरादा देती है राहों को दास्तानों की तलाश मुस्कान देती है कदमों की पहचान देती है।

आवाज की पुकार अक्सर कदमों को नजारा देती है सपनों को अंदाजों की उमंग रोशनी देती है आशाओं की पहचान देती है।




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कविता. ५८३९. आवाज की पुकार अक्सर।

                         आवाज की पुकार अक्सर। आवाज की पुकार अक्सर अरमानों को सहारा‌ देती है जज्बातों को लम्हों की कोशिश किनारा देती है तरानो...