Monday, 21 September 2026

कविता. ५९८८ दिशाओं को अंदाजों संग।

                           दिशाओं को अंदाजों संग।

दिशाओं को अंदाजों संग आस पहचान दिलाती है अफसानों की सोच अक्सर मुस्कान दिलाती है उम्मीदों से रोशनी दिलाती है।

दिशाओं को अंदाजों संग परख आवाज दिलाती है लहरों की कहानी अक्सर दास्तान दिलाती है नजारों से रोशनी दिलाती है।

दिशाओं को अंदाजों संग सौगात तलाश दिलाती है बदलावों की अल्फाज अक्सर लहर दिलाती है राहों से रोशनी दिलाती है।

दिशाओं को अंदाजों संग कोशिश खयाल दिलाती है उम्मीदों की आहट अक्सर जज्बात दिलाती है धाराओं से रोशनी दिलाती है।

दिशाओं को अंदाजों संग सरगम सपना दिलाती है अरमानों की पुकार अक्सर इशारा दिलाती है अदाओं से रोशनी दिलाती है।

दिशाओं को अंदाजों संग समझ किनारा दिलाती है किनारों की मुस्कान अक्सर बदलाव दिलाती है इरादों से रोशनी दिलाती है।

दिशाओं को अंदाजों संग राह दास्तान दिलाती है अल्फाजों की आस अक्सर तराना‌ दिलाती है आशाओं से रोशनी दिलाती है।

दिशाओं को अंदाजों संग पुकार लहर दिलाती है सपनों की सरगम अक्सर उमंग दिलाती है एहसासों से रोशनी दिलाती है।

दिशाओं को अंदाजों संग अहमियत सुबह दिलाती है तरानों की उमंग अक्सर आवाज दिलाती है जज्बातों से रोशनी दिलाती है।

दिशाओं को अंदाजों संग सुबह इरादा दिलाती है धाराओं की तलाश अक्सर आहट दिलाती है कदमों से रोशनी दिलाती है।

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कविता. ५९८९ लम्हों की पहचान संग।

                            लम्हों की पहचान संग। लम्हों की पहचान संग खयालों से रोशनी अल्फाज सुनाती है नजारों की तलाश संग इशारों की आस अरमान ...