Friday, 20 February 2026

कविता. ५७८९. कदमों से जज्बातों की।

                              कदमों से जज्बातों की।

कदमों से जज्बातों की दुनिया सरगम दिलाती है दिशाओं की महफिल‌ संग‌ सौगात दिलाती है आशाओं की महफिल पुकार सुनाती है।

कदमों से जज्बातों की उमंग एहसास दिलाती है तरानों की अहमियत संग तलाश दिलाती है आवाजों की समझ पुकार सुनाती है।

कदमों से जज्बातों की सोच अफसाना दिलाती है राहों की आवाज संग मुस्कान दिलाती है किनारों की सुबह पुकार सुनाती है।

कदमों से जज्बातों की तलाश इशारा दिलाती है लहरों की कहानी संग उम्मीद दिलाती है दास्तानों की आस पुकार सुनाती है।

कदमों से जज्बातों की धून अल्फाज दिलाती है नजारों की समझ संग अफसाना दिलाती है तरानों की तलाश पुकार सुनाती है।

कदमों से जज्बातों की रोशनी बदलाव दिलाती है अंदाजों की दुनिया संग इरादा दिलाती है सपनों की सोच पुकार सुनाती है।

कदमों से जज्बातों की आहट लहर दिलाती है उम्मीदों की सौगात संग खयाल‌ दिलाती है नजारों की पहचान पुकार सुनाती है।

कदमों से जज्बातों की समझ अदा दिलाती है खयालों की तलाश संग उमंग दिलाती है एहसासों की परख पुकार सुनाती है।

कदमों से जज्बातों की राह किनारा दिलाती है लम्हों की कोशिश संग अरमान दिलाती है धाराओं की समझ पुकार सुनाती है।

कदमों से जज्बातों की आवाज मुस्कान दिलाती है इशारों की आस संग समझ दिलाती है बदलावों की आस पुकार सुनाती है।

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कविता. ५७८९. कदमों से जज्बातों की।

                              कदमों से जज्बातों की। कदमों से जज्बातों की दुनिया सरगम दिलाती है दिशाओं की महफिल‌ संग‌ सौगात दिलाती है आशाओं क...