Wednesday, 25 February 2026

कविता. ५७९४. अदाओं की रोशनी अक्सर।

                        अदाओं की रोशनी अक्सर।

अदाओं की रोशनी अक्सर अफसानों की तलाश दिलाती है इरादों को एहसासों की समझ सपना दिलाती है कदमों की आस दिलाती है।

अदाओं की रोशनी अक्सर नजारों की आहट दिलाती है उजालों को आशाओं की अहमियत कहानी दिलाती है दास्तानों की आस दिलाती है।

अदाओं की रोशनी अक्सर खयालों की समझ दिलाती है एहसासों को जज्बातों की तलाश पहचान दिलाती है अंदाजों की आस दिलाती है।

अदाओं की रोशनी अक्सर आवाजों की धून दिलाती है लहरों को खयालों की सरगम सौगात दिलाती है राहों की आस दिलाती है।

अदाओं की रोशनी अक्सर सपनों की सुबह दिलाती है किनारों को अफसानों की सोच उमंग दिलाती है बदलावों की आस दिलाती है।

अदाओं की रोशनी अक्सर आशाओं की कोशिश दिलाती है दिशाओं को उजालों की मुस्कान तराना दिलाती है लम्हों की आस दिलाती है।

अदाओं की रोशनी अक्सर जज्बातों की पुकार दिलाती है धाराओं को अंदाजों की कोशिश बदलाव दिलाती है सपनों की आस दिलाती है।

अदाओं की रोशनी अक्सर किनारों की सरगम दिलाती है उम्मीदों को जज्बातों की पहचान तराना दिलाती है आवाजों की आस दिलाती है।

अदाओं की रोशनी अक्सर दिशाओं की आवाज दिलाती है आवाजों को कदमों की उमंग अफसाना दिलाती है तरानों की आस दिलाती है।

अदाओं की रोशनी अक्सर राहों की दास्तान दिलाती है आशाओं को अंदाजों की तलाश खयाल दिलाती है किनारों की आस दिलाती है।

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कविता. ५७९४. अदाओं की रोशनी अक्सर।

                        अदाओं की रोशनी अक्सर। अदाओं की रोशनी अक्सर अफसानों की तलाश दिलाती है इरादों को एहसासों की समझ सपना दिलाती है कदमों क...