Tuesday, 3 February 2026

कविता. ५७७२. लम्हों की कहानी संग।

                             लम्हों की कहानी संग।

लम्हों की कहानी संग आशाएं अक्सर तलाश देकर जाती है जज्बातों की रोशनी अक्सर अरमान सुनाकर जाती है अदाओं की सरगम देकर जाती है।

लम्हों की कहानी संग लहरे अक्सर एहसास देकर जाती है धाराओं की समझ अक्सर मुस्कान सुनाकर जाती है राहों की सरगम देकर जाती है।

लम्हों की कहानी संग दिशाएं अक्सर उमंग देकर जाती है दास्तानों की परख अक्सर खयाल सुनाकर जाती है बदलावों की सरगम देकर जाती है।

लम्हों की कहानी संग राहे अक्सर अल्फाज देकर जाती है किनारों की सुबह अक्सर आस सुनाकर जाती है तरानों की सरगम देकर जाती है।

लम्हों की कहानी संग उम्मीदे अक्सर आवाज देकर जाती है अंदाजों की धून अक्सर सौगात सुनाकर जाती है अल्फाजों की सरगम देकर जाती है।

लम्हों की कहानी संग दास्तानें अक्सर पहचान देकर जाती है आशाओं की सोच अक्सर कोशिश सुनाकर जाती है इरादों की सरगम देकर जाती है।

लम्हों की कहानी संग निगाहें अक्सर उम्मीद देकर जाती है खयालों की आस अक्सर तलाश सुनाकर जाती है सपनों की सरगम देकर जाती है।

लम्हों की कहानी संग अदाएं अक्सर अफसाना देकर जाती है राहों की अहमियत अक्सर परख सुनाकर जाती है लहरों की सरगम देकर जाती है।

लम्हों की कहानी संग आवाजें अक्सर अंदाज देकर जाती है कदमों की सौगात अक्सर अल्फाज सुनाकर जाती है उजालों की सरगम देकर जाती है।

लम्हों की कहानी संग अफसाने अक्सर आस देकर जाती है दिशाओं की महफिल अक्सर मुस्कान सुनाकर जाती है इरादों की सरगम देकर जाती है।

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