Saturday, 7 February 2026

कविता. ५७७६. सरगम संग आवाजों की।

                         सरगम संग आवाजों की।

सरगम संग आवाजों की धून पहचान दिलाती है तरानों को अफसानों की मुस्कान नजारा दिलाती है धाराओं को उम्मीद दिलाती है।

सरगम संग आवाजों की राह पुकार दिलाती है जज्बातों को बदलावों की आस अल्फाज दिलाती है लम्हों को उम्मीद दिलाती है।

सरगम संग आवाजों की सौगात तलाश दिलाती है दिशाओं को दास्तानों की समझ खयाल‌ दिलाती है उजालों को उम्मीद दिलाती है।

सरगम संग आवाजों की कहानी कोशिश दिलाती है अदाओं को एहसासों की रोशनी लहर‌ दिलाती है कदमों को उम्मीद दिलाती है।

सरगम संग आवाजों की सोच आहट दिलाती है अरमानों को लम्हों की उमंग अंदाज दिलाती है किनारों को उम्मीद दिलाती है।

सरगम संग आवाजों की परख तराना दिलाती है आशाओं को सपनों की आहट अदा दिलाती है नजारों को उम्मीद दिलाती है।

सरगम संग आवाजों की महफिल उजाला दिलाती है राहों को धाराओं की सुबह इरादा दिलाती है लहरों को उम्मीद दिलाती है।

सरगम संग आवाजों की समझ दास्तान दिलाती है इरादों को दिशाओं की कहानी जज्बात दिलाती है खयालों को उम्मीद दिलाती है।

सरगम संग आवाजों की लहर इशारा दिलाती है कदमों को बदलावों की पुकार किनारा दिलाती है नजारों को उम्मीद दिलाती है।

सरगम संग आवाजों की सोच एहसास दिलाती है आशाओं को जज्बातों की रोशनी पहचान दिलाती है अंदाजों को उम्मीद दिलाती है।

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