Friday, 27 February 2026

कविता. ५७९६. इशारों से आवाजों की।

                            इशारों से आवाजों की।

इशारों से आवाजों की धून तलाश दिलाती है तरानों को बदलावों की पुकार एहसास सुनाती है कदमों को अरमानों की कोशिश दिलाती है।

इशारों से आवाजों की महफिल अंदाज दिलाती है अदाओं को एहसासों की आस सरगम सुनाती है खयालों को सपनों की कोशिश दिलाती है।

इशारों से आवाजों की पहचान उजाला दिलाती है राहों को अरमानों की सोच अफसाना सुनाती है दास्तानों को लहरों की कोशिश दिलाती है।

इशारों से आवाजों की उमंग मुस्कान दिलाती है अल्फाजों को कदमों की आहट खयाल सुनाती है धाराओं को उम्मीदों की कोशिश दिलाती है।

इशारों से आवाजों की समझ जज्बात दिलाती है आशाओं को अंदाजों की परख मुस्कान सुनाती है तरानों को इशारों की कोशिश दिलाती है।

इशारों से आवाजों की लहर नजारा दिलाती है जज्बातों को राहों की रोशनी अहमियत सुनाती है दिशाओं को आशाओं की कोशिश दिलाती है।

इशारों से आवाजों की सौगात उम्मीद दिलाती है अफसानों को तरानों की सोच इशारा सुनाती है सपनों को अंदाजों की कोशिश दिलाती है।

इशारों से आवाजों की आस‌ किनारा दिलाती है उम्मीदों को लम्हों की अहमियत कहानी सुनाती है एहसासों को अंदाजों की कोशिश दिलाती है।

इशारों से आवाजों की सोच उमंग दिलाती है दिशाओं को किनारों की आहट बदलाव दिलाती है अफसानों को सपनों की कोशिश दिलाती है।

इशारों से आवाजों की दास्तान सुबह दिलाती है राहों को अंदाजों की पुकार उमंग दिलाती है उजालों को नजारों की कोशिश दिलाती है।



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