Tuesday, 9 July 2024

कविता. ५२२८. खयालों को इशारों की।

                               खयालों को इशारों की।

खयालों को इशारों की पहचान तराना देती है किनारों को सपनों की सरगम अफसाना देती है बदलावों को दिशाओं की कोशिश देती है।

खयालों को इशारों की कहानी अरमान देती है लम्हों को दास्तानों की पहचान सहारा देती है एहसासों को उम्मीदों की कोशिश देती है।

खयालों को इशारों की उमंग अल्फाज देती है लहरों को एहसासों की कहानी सौगात देती है जज्बातों को अंदाजों की कोशिश देती है।

खयालों को इशारों की आस मुस्कान देती है नजारों को दिशाओं की समझ सपना देती है अल्फाजों को उजालों की कोशिश देती है।

खयालों को इशारों की आवाज पुकार देती है जज्बातों को अदाओं की परख एहसास देती है दास्तानों को अफसानों की कोशिश देती है।

खयालों को इशारों की रोशनी नजारा देती है आवाजों को बदलावों की सुबह तलाश देती है कदमों को आशाओं की कोशिश देती है।

खयालों को इशारों की परख राह देती है इशारों को अरमानों की कहानी अहमियत देती है दिशाओं को सपनों की कोशिश देती है।

खयालों को इशारों की सोच सरगम देती है दास्तानों को अदाओं की पुकार सहारा देती है नजारों को उम्मीदों की कोशिश देती है।

खयालों को इशारों की सुबह उम्मीद देती है अल्फाजों को अंदाजों की उमंग अरमान देती है आशाओं को बदलावों की कोशिश देती है।

खयालों को इशारों की सौगात तलाश देती है इरादों को नजारों की कहानी अहमियत देती है आवाजों को लहरों की कोशिश देती है।

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