Friday, 23 August 2024

कविता. ५२४३. कदमों को उजालों की।

                                 कदमों को उजालों की।

कदमों को उजालों की सुबह पहचान दिलाती है इशारों को लम्हों की समझ अफसाना सुनाती है दिशाओं को एहसासों की तलाश सहारा दिलाती है।

कदमों को उजालों की कोशिश उमंग दिलाती है अल्फाजों को सपनों की आस एहसास सुनाती है दास्तानों को आशाओं की सोच सहारा दिलाती है।

कदमों को उजालों की उम्मीद नजारा दिलाती है राहों को अंदाजों की परख अहमियत सुनाती है खयालों को लहरों की मुस्कान सहारा दिलाती है।

कदमों को उजालों की आहट तराना दिलाती है किनारों को अल्फाजों की सुबह सरगम सुनाती है अरमानों को आवाजों की धून सहारा दिलाती है।

कदमों को उजालों की सोच खयाल दिलाती है अरमानों को सपनों की आहट सौगात सुनाती है नजारों को दिशाओं की कहानी सहारा दिलाती है।

कदमों को उजालों की तलाश अफसाना दिलाती है लम्हों को नजारों की उमंग कहानी सुनाती है सपनों को जज्बातों की पहचान सहारा दिलाती है।

कदमों को उजालों की रोशनी बदलाव दिलाती है अदाओं को एहसासों की पुकार तराना सुनाती है इशारों को समझ की आस सहारा दिलाती है।

कदमों को उजालों की पुकार अल्फाज दिलाती है अफसानों को आशाओं की सोच लहर सुनाती है अंदाजों को बदलावों की सौगात सहारा दिलाती है।

कदमों को उजालों की परख इरादा दिलाती है खयालों को अल्फाजों की सौगात सरगम सुनाती है आशाओं को इरादों की कहानी सहारा दिलाती है।

कदमों को उजालों की कोशिश एहसास दिलाती है तरानों को अरमानों की आहट बदलाव सुनाती है दिशाओं को आवाजों की धून सहारा दिलाती है।

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