Thursday, 28 August 2025

कविता. ५६१३. बदलाव की राह अक्सर।

                          बदलाव की राह अक्सर।

बदलाव की राह अक्सर तरानों से पहचान दिलाती है लम्हों को अल्फाजों की समझ सरगम सुनाती है उजालों की सोच दिलाती है।

बदलाव की राह अक्सर किनारों से इशारा दिलाती है दास्तानों को अंदाजों की अहमियत कहानी सुनाती है अफसानों की सोच दिलाती है।

बदलाव की राह अक्सर लहरों से कोशिश दिलाती है अदाओं को एहसासों की सुबह उमंग सुनाती है इशारों की सोच दिलाती है।

बदलाव की राह अक्सर आवाजों से पुकार दिलाती है किनारों को दिशाओं की महफिल इरादा सुनाती है अल्फाजों की सोच दिलाती है।

बदलाव की राह अक्सर आशाओं से उम्मीद दिलाती है लहरों को खयालों की कोशिश सौगात सुनाती है धाराओं की सोच दिलाती है।

बदलाव की राह अक्सर लम्हों से सौगात दिलाती है सपनों को जज्बातों की रोशनी मुस्कान सुनाती है खयालों की सोच दिलाती है।

बदलाव की राह अक्सर दिशाओं से तलाश दिलाती है कदमों को अरमानों की परख एहसास सुनाती है दास्तानों की सोच दिलाती है।

बदलाव की राह अक्सर इरादों से आस दिलाती है अंदाजों को खयालों की आहट उमंग सुनाती है जज्बातों की सोच दिलाती है।

बदलाव की राह अक्सर जज्बातों से सौगात दिलाती है इशारों को लम्हों की कोशिश आवाज सुनाती है आशाओं की सोच दिलाती है।

बदलाव की राह अक्सर अंदाजों से समझ दिलाती है अरमानों को किनारों की सोच इरादा सुनाती है लम्हों की सोच दिलाती है।

बदलाव की राह अक्सर धाराओं से सहारा दिलाती है लहरों को इशारों की तलाश उम्मीद सुनाती है कदमों की सोच दिलाती है।

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