Saturday, 30 August 2025

कविता. ५६१५. सपनों की आवाज अक्सर।

                        सपनों की आवाज अक्सर।

सपनों की आवाज अक्सर एहसास दिलाती है तरानों को बदलावों की पुकार उमंग दिलाती है खयालों संग अल्फाज दिलाती है।

सपनों की आवाज अक्सर अंदाज दिलाती है किनारों को कदमों की सोच अफसाना दिलाती है लम्हों संग अल्फाज दिलाती है।

सपनों की आवाज अक्सर दास्तान दिलाती है लहरों को खयालों की सरगम सुबह दिलाती है आशाओं संग अल्फाज दिलाती है।

सपनों की आवाज अक्सर अहमियत दिलाती है राहों को नजारों की उम्मीद तलाश दिलाती है इरादों संग अल्फाज दिलाती है।

सपनों की आवाज अक्सर बदलाव दिलाती है एहसासों को जज्बातों की रोशनी अरमान दिलाती है दिशाओं संग अल्फाज दिलाती है।

सपनों की आवाज अक्सर तराना‌ दिलाती है अफसानों को राहों की कोशिश किनारा दिलाती है उजालों संग अल्फाज दिलाती है।

सपनों की आवाज अक्सर मुस्कान दिलाती है कदमों को लहरों की कहानी आस दिलाती है अदाओं संग अल्फाज दिलाती है।

सपनों की आवाज अक्सर तलाश दिलाती है धाराओं को उम्मीदों की सौगात खयाल दिलाती है इशारों संग अल्फाज दिलाती है।

सपनों की आवाज अक्सर पहचान दिलाती है अदाओं को आशाओं की सुबह उजाला दिलाती है दास्तानों संग अल्फाज दिलाती है।

सपनों की आवाज अक्सर उमंग दिलाती है उम्मीदों को किनारों की तलाश इरादा दिलाती है तरानों संग अल्फाज दिलाती है।

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