Tuesday, 10 June 2025

कविता. ५५३४. इशारों की कोशिश संग।

                          इशारों की कोशिश संग।

इशारों की कोशिश संग एहसासों से उजाला दिलाती है किनारों की आहट अक्सर परख सुनाती है खयालों संग उम्मीद सुनाती है।

इशारों की कोशिश संग अदाओं से अरमान दिलाती है दास्तानों की समझ अक्सर सपना सुनाती है अल्फाजों संग उम्मीद सुनाती है।

इशारों की कोशिश संग दिशाओं से उमंग दिलाती है तरानों की अहमियत अक्सर अदा सुनाती है जज्बातों संग उम्मीद सुनाती है।

इशारों की कोशिश संग आशाओं से पहचान दिलाती है कदमों की सौगात अक्सर लहर सुनाती है बदलावों संग उम्मीद सुनाती है।

इशारों की कोशिश संग अरमानों से पुकार दिलाती है दिशाओं की महफिल अक्सर आस सुनाती है लम्हों संग उम्मीद सुनाती है।

इशारों की कोशिश संग अंदाजों से दास्तान दिलाती है अंदाजों की पुकार अक्सर अफसाना सुनाती है आशाओं संग उम्मीद सुनाती है।

इशारों की कोशिश संग तरानों से मुस्कान दिलाती है राहों की आवाज अक्सर पहचान सुनाती है लहरों संग उम्मीद सुनाती है।

इशारों की कोशिश संग कदमों से जज्बात दिलाती है एहसासों की रोशनी अक्सर खयाल सुनाती है नजारों संग उम्मीद सुनाती है।

इशारों की कोशिश संग सपनों से आस दिलाती है अरमानों की आस अक्सर पुकार सुनाती है कदमों संग उम्मीद सुनाती है।

इशारों की कोशिश संग अल्फाजों से सुबह दिलाती है दिशाओं की राह अक्सर सौगात सुनाती है अफसानों संग उम्मीद सुनाती है।

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