Tuesday, 17 March 2026

कविता. ५८१४. इशारों की आहट संग।

                              इशारों की आहट संग।

इशारों की आहट संग आशाओं को अंदाजों की पहचान सहारा दिलाती है कदमों की तलाश अक्सर एहसास दिलाती है।

इशारों की आहट संग दास्तानों को दिशाओं की महफिल अल्फाज दिलाती है नजारों की आस अक्सर एहसास दिलाती है।

इशारों की आहट संग अफसानों को लहरों की कहानी कोशिश दिलाती है अरमानों की सौगात अक्सर एहसास दिलाती है।

इशारों की आहट संग किनारों को खयालों की उमंग रोशनी दिलाती है आवाजों की धून अक्सर एहसास दिलाती है।

इशारों की आहट संग उजालों को बदलावों की राह मुस्कान दिलाती है धाराओं की‌ कोशिश अक्सर एहसास दिलाती है।

इशारों की आहट संग जज्बातों को आशाओं की सरगम सोच दिलाती है अल्फाजों की दुनिया अक्सर एहसास दिलाती है।

इशारों की‌ आहट संग राहों को अरमानों की कोशिश पुकार दिलाती है दास्तानों की सुबह अक्सर एहसास दिलाती है।

इशारों की आहट संग सपनों को तरानों की सोच सपना दिलाती है बदलावों की उम्मीद अक्सर एहसास दिलाती है।

इशारों की आहट संग नजारों को किनारों की दुनिया आस दिलाती है आशाओं की अहमियत अक्सर एहसास दिलाती है।

इशारों की आहट संग अल्फाजों को राहों की सौगात बदलाव दिलाती है किनारों की सुबह अक्सर एहसास दिलाती है।


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कविता. ५८१६. कदमों संग आशाओं की।

                          कदमों संग आशाओं की। कदमों संग आशाओं की कहानी जज्बात दिलाती है तरानों को अफसानों की समझ दास्तान दिलाती है उम्मीदों ...