Thursday, 26 March 2026

कविता. ५८२३. इरादों को एहसासों की।

                            इरादों को एहसासों की।

इरादों को एहसासों की कोशिश अक्सर जज्बात सुनाती है अफसानों संग सपनों की पुकार किनारा देकर आगे बढती जाती है।

इरादों को एहसासों की समझ अक्सर उमंग सुनाती है तरानों संग अंदाजों की पहचान किनारा देकर आगे बढती जाती है।

इरादों को एहसासों की आहट अक्सर सपना सुनाती है दिशाओं संग आवाजों की धून किनारा देकर आगे बढती जाती है।

इरादों को एहसासों की सोच अक्सर खयाल सुनाती है अदाओं संग खयालों की आस किनारा देकर आगे बढती जाती है।

इरादों को एहसासों की उम्मीद अक्सर लहर सुनाती है अरमानों संग आशाओं की तलाश किनारा देकर आगे बढती जाती है।

इरादों को एहसासों की परख अक्सर मुस्कान सुनाती है अल्फाजों संग उजालों की आहट किनारा देकर आगे बढती जाती है।

इरादों को एहसासों की रोशनी अक्सर पहचान सुनाती है दास्तानों संग जज्बातों की सुबह किनारा देकर आगे बढती जाती है।

इरादों को एहसासों की आस अक्सर सरगम सुनाती है खयालों संग राहों की अहमियत किनारा देकर आगे बढती जाती है।

इरादों को एहसासों की सौगात अक्सर तराना दिलाती है कदमों संग खयालों की पहचान किनारा देकर आगे बढती जाती है।

इरादों को एहसासों की लहर अक्सर बदलाव दिलाती है आशाओं संग अफसानों की मुस्कान किनारा देकर आगे बढती जाती है।


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कविता. ५८२३. इरादों को एहसासों की।

                            इरादों को एहसासों की। इरादों को एहसासों की कोशिश अक्सर जज्बात सुनाती है अफसानों संग सपनों की पुकार किनारा देकर आ...