Saturday, 21 March 2026

कविता. ५८१८. आशाओं को अंदाजों की।

                          आशाओं को अंदाजों की।

आशाओं को अंदाजों की मुस्कान संग तलाश देकर जाती है अरमानों को लम्हों की कहानी सपना सुनाकर पहचान देकर जाती है।

आशाओं को अंदाजों की कोशिश संग आवाज देकर जाती है कदमों को अल्फाजों की दुनिया आस सुनाकर पहचान देकर जाती है।

आशाओं को अंदाजों की उम्मीद संग अल्फाज देकर जाती है एहसासों को धाराओं की सरगम खयाल‌ सुनाकर पहचान देकर जाती है।

आशाओं को अंदाजों की रोशनी संग सौगात देकर जाती है दास्तानों को नजारों की उम्मीद सोच सुनाकर पहचान देकर जाती है।

आशाओं को अंदाजों की सरगम संग बदलाव देकर जाती है किनारों को सपनों की आहट कोशिश सुनाकर पहचान देकर जाती है।

आशाओं को अंदाजों की परख संग रोशनी देकर जाती है अफसानों को राहों की अहमियत इशारा सुनाकर पहचान देकर जाती है।

आशाओं को अंदाजों की समझ संग खयाल देकर जाती है बदलावों को दिशाओं की महफिल पुकार सुनाकर पहचान देकर जाती है।

आशाओं को अंदाजों की आस संग कोशिश देकर जाती है इरादों को एहसासों की लहर‌ उमंग सुनाकर पहचान देकर जाती है।

आशाओं को अंदाजों की सुबह संग उम्मीद देकर जाती है खयालों को कदमों की सौगात तलाश सुनाकर पहचान देकर जाती है।

आशाओं को अंदाजों की सोच संग उजाला देकर जाती है अल्फाजों को अदाओं की धून दास्तान सुनाकर पहचान देकर जाती है।



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