Monday, 9 March 2026

कविता. ५८०६. एक उमंग अक्सर।

                              एक उमंग अक्सर।

एक उमंग अक्सर उजाला दिलाती है बदलावों को धाराओं की समझ पहचान सुनाती है अंदाजों संग एहसास दिलाती है।

एक उमंग अक्सर मुस्कान दिलाती है किनारों को अंदाजों की सोच आवाज सुनाती है आशाओं संग एहसास दिलाती है।

एक उमंग अक्सर जज्बात दिलाती है नजारों को दिशाओं की महफिल दास्तान सुनाती है खयालों संग एहसास दिलाती है।

एक उमंग अक्सर अरमान दिलाती है जज्बातों को बदलावों की आस अहमियत सुनाती है राहों संग एहसास दिलाती है।

एक उमंग अक्सर अल्फाज दिलाती है अरमानों को लम्हों की कहानी खयाल सुनाती है कदमों संग एहसास दिलाती है।

एक उमंग अक्सर बदलाव दिलाती है दिशाओं को लहरों की पुकार कोशिश सुनाती है सपनों संग एहसास दिलाती है।

एक उमंग अक्सर इशारा दिलाती है राहों को अरमानों की सौगात मुस्कान सुनाती है अदाओं संग एहसास दिलाती है।

एक उमंग अक्सर तलाश दिलाती है अल्फाजों को सपनों की परख आवाज सुनाती है दास्तानों संग एहसास दिलाती है।

एक उमंग अक्सर नजारा दिलाती है जज्बातों को दास्तानों की राह अरमान सुनाती है तरानों संग एहसास दिलाती है।

एक उमंग अक्सर लहर दिलाती है उजालों को सपनों की सरगम इशारा सुनाती है अफसानों संग एहसास दिलाती है।

No comments:

Post a Comment

कविता. ५८०६. एक उमंग अक्सर।

                              एक उमंग अक्सर। एक उमंग अक्सर उजाला दिलाती है बदलावों को धाराओं की समझ पहचान सुनाती है अंदाजों संग एहसास दिलाती...