Sunday, 22 March 2026

कविता. ५८१९. दिशाओं संग अल्फाज अक्सर।

                       दिशाओं संग अल्फाज अक्सर।

दिशाओं संग अल्फाज अक्सर इशारा दिलाते है अरमानों की कोशिश से सपनों की तलाश संग राहे दिलाते है।

दिशाओं संग अल्फाज अक्सर किनारा दिलाते है उजालों की सोच से आवाजों की धून संग कोशिशें दिलाते है।

दिशाओं संग अल्फाज अक्सर उमंग दिलाते है खयालों की अहमियत से धाराओं की सौगात संग दास्ताने दिलाते है।

दिशाओं संग अल्फाज अक्सर जज्बात दिलाते है लहरों की पहचान से दास्तानों की‌ सुबह संग तराने दिलाते है।

दिशाओं संग अल्फाज अक्सर लम्हा दिलाते है किनारों की मुस्कान से एहसासों की सरगम संग उजाले दिलाते है।

दिशाओं संग अल्फाज अक्सर अंदाज दिलाते है जज्बातों की रोशनी से लम्हों की कहानी संग अफसाने दिलाते है।

दिशाओं संग अल्फाज अक्सर तलाश दिलाते है खयालों की सरगम से अदाओं की धून संग उम्मीदे दिलाते है।

दिशाओं संग अल्फाज अक्सर बदलाव दिलाते है एहसासों की लहर से धाराओं की समझ संग लम्हे दिलाते है।

दिशाओं संग अल्फाज अक्सर नजारा दिलाते है कदमों की सौगात से एहसासों की पुकार संग किनारे दिलाते है।

दिशाओं संग अल्फाज अक्सर रोशनी दिलाते है उम्मीदों की आहट से खयालों की कहानी संग इरादे‌ दिलाते‌ है।


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