Thursday, 19 March 2026

कविता. ५८१६. कदमों संग आशाओं की।

                          कदमों संग आशाओं की।

कदमों संग आशाओं की कहानी जज्बात दिलाती है तरानों को अफसानों की समझ दास्तान दिलाती है उम्मीदों को एहसास सुनाती है।

कदमों संग आशाओं की महफिल कोशिश दिलाती है उजालों को सपनों की पुकार अरमान दिलाती है लहरों को एहसास सुनाती है।

कदमों संग आशाओं की सरगम सोच दिलाती है अल्फाजों को राहों की रोशनी आवाज दिलाती है खयालों को एहसास सुनाती है।

कदमों संग आशाओं की आस सुबह दिलाती है दास्तानों को नजारों की आहट अंदाज दिलाती है किनारों को एहसास सुनाती है।

कदमों संग आशाओं की परख बदलाव दिलाती है इशारों को अरमानों की सोच मुस्कान दिलाती है अदाओं को एहसास सुनाती है।

कदमों संग आशाओं की राह अफसाना दिलाती है दिशाओं को उम्मीदों की सुबह तलाश दिलाती है लम्हों को एहसास सुनाती है।

कदमों संग आशाओं की पहचान आवाज दिलाती है किनारों को अल्फाजों की दुनिया नजारा दिलाती है इरादों को एहसास सुनाती है।

कदमों संग आशाओं की आहट सौगात दिलाती है जज्बातों को बदलावों की उम्मीद खयाल‌ दिलाती है सपनों को एहसास सुनाती है।

कदमों संग आशाओं की लहर‌ उमंग दिलाती है नजारों को उजालों की सरगम अहमियत दिलाती है धाराओं को एहसास सुनाती है।

कदमों संग आशाओं की उम्मीद तलाश दिलाती है खयालों को इरादों की सोच कोशिश दिलाती है दिशाओं को एहसास सुनाती है।

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कविता. ५८१६. कदमों संग आशाओं की।

                          कदमों संग आशाओं की। कदमों संग आशाओं की कहानी जज्बात दिलाती है तरानों को अफसानों की समझ दास्तान दिलाती है उम्मीदों ...