Tuesday, 3 March 2026

कविता. ५८००. उजालों की पुकार अक्सर।

                          उजालों की पुकार अक्सर।

उजालों की पुकार अक्सर खयालों संग तलाश दिलाती है दिशाओं को अफसानों की सोच कोशिश सुनाती है तरानों की सरगम दिलाती है।

उजालों की पुकार अक्सर दास्तानों संग मुस्कान दिलाती है किनारों को कदमों की आस अल्फाज सुनाती है आशाओं की सरगम दिलाती है।

उजालों की पुकार अक्सर आवाजों संग धून दिलाती है नजारों को एहसासों की सौगात इशारा सुनाती है दास्तानों की सरगम दिलाती है।

उजालों की पुकार अक्सर जज्बातों संग उम्मीद दिलाती है बदलावों को धाराओं की समझ आवाज सुनाती है नजारों की सरगम दिलाती है।

उजालों की पुकार अक्सर सपनों संग एहसास दिलाती है अंदाजों को लहरों की कहानी तलाश सुनाती है अरमानों की सरगम दिलाती है।

उजालों की पुकार अक्सर अफसानों संग कोशिश दिलाती है लम्हों को राहों की रोशनी सौगात सुनाती है आवाजों की सरगम दिलाती है।

उजालों की पुकार अक्सर तरानों संग उमंग दिलाती है बदलावों को आशाओं की महफिल पहचान सुनाती है अदाओं की सरगम दिलाती है।

उजालों की पुकार अक्सर दिशाओं संग‌ आस दिलाती है इशारों को अल्फाजों की दुनिया मुस्कान सुनाती है उम्मीदों की सरगम दिलाती है।

उजालों की‌ पुकार अक्सर लहरों संग आवाज दिलाती है अरमानों को लम्हों की अहमियत कहानी सुनाती है राहों की सरगम दिलाती है।

उजालों की पुकार अक्सर अंदाजों संग‌ इरादा‌ दिलाती है खयालों को सपनों की पहचान कोशिश सुनाती है धाराओं की सरगम दिलाती है।


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कविता. ५८००. उजालों की पुकार अक्सर।

                          उजालों की पुकार अक्सर। उजालों की पुकार अक्सर खयालों संग तलाश दिलाती है दिशाओं को अफसानों की सोच कोशिश सुनाती है तर...