Saturday, 28 March 2026

कविता. ५८२५. एक कोशिश संग।

                              एक कोशिश संग।

एक कोशिश संग आवाज अक्सर एहसास दिलाती है तरानों को जज्बातों की रोशनी सपना दिलाती है किनारों को इशारा देकर जाती है।

एक कोशिश संग सोच अक्सर उजाला दिलाती है आशाओं को दास्तानों की समझ नजारा दिलाती है अंदाजों को इशारा देकर जाती है।

एक कोशिश संग उमंग अक्सर तराना दिलाती है खयालों को लहरों की कहानी बदलाव दिलाती है अफसानों को इशारा देकर जाती है।

एक कोशिश संग सुबह अक्सर अरमान दिलाती है किनारों को अरमानों की पहचान आहट दिलाती है सपनों को इशारा देकर जाती है।

एक कोशिश संग तलाश अक्सर अल्फाज दिलाती है उजालों को दिशाओं की महफिल तलाश दिलाती है नजारों को इशारा देकर जाती है।

एक कोशिश संग पुकार अक्सर आस दिलाती है अरमानों को तरानों की सरगम आवाज दिलाती है धाराओं को इशारा देकर जाती है।

एक कोशिश संग समझ अक्सर सौगात दिलाती है बदलावों को राहों की अहमियत दास्तान दिलाती है उम्मीदों को इशारा देकर जाती है।

एक कोशिश संग पहचान अक्सर नजारा दिलाती है लम्हों को एहसासों की आस अफसाना दिलाती है लहरों को इशारा देकर जाती है।

एक कोशिश संग उम्मीद अक्सर मुस्कान दिलाती है अल्फाजों को सपनों की उमंग जज्बात दिलाती है एहसासों को इशारा देकर जाती है।

एक कोशिश संग राह अक्सर उजाला दिलाती है धाराओं को नजारों की सरगम आवाज दिलाती है दास्तानों को इशारा देकर जाती है।


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कविता. ५८७२ आवाज की अहमियत संग।

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