Monday, 23 March 2026

कविता. ५८२०. उमंग की कोशिश एक।

                            उमंग की कोशिश एक।

उमंग की कोशिश एक एहसास दिलाती है कदमों को अल्फाजों की आहट रोशनी दिलाती है सपनों को एक खयाल‌ देकर जाती है।

उमंग की कोशिश एक तलाश दिलाती है बदलावों को धाराओं की समझ जज्बात दिलाती है आशाओं को एक खयाल‌ देकर जाती है।

उमंग की कोशिश एक सोच दिलाती है अरमानों को लम्हों की सौगात तराना दिलाती है किनारों को एक खयाल‌ देकर जाती है।

उमंग की कोशिश एक पहचान दिलाती है नजारों को जज्बातों की पुकार मुस्कान दिलाती है अदाओं को एक खयाल‌ देकर जाती है।

उमंग की कोशिश एक सरगम दिलाती है तरानों को अफसानों की रोशनी अंदाज दिलाती है इशारों को एक खयाल‌ देकर जाती है।

उमंग की कोशिश एक सौगात दिलाती है दिशाओं को दास्तानों की आस बदलाव दिलाती है उम्मीदों को एक खयाल‌ देकर जाती है।

उमंग की कोशिश एक परख दिलाती है सपनों को तरानों की सोच अरमान दिलाती है धाराओं को एक खयाल‌ देकर जाती है।

उमंग की कोशिश एक दास्तान दिलाती है आवाजों को अरमानों की सुबह पुकार दिलाती है राहों को एक खयाल‌ देकर जाती है।

उमंग की कोशिश एक आवाज दिलाती है अंदाजों को अफसानों की उम्मीद अहमियत दिलाती है दास्तानों को एक खयाल‌ देकर जाती है।

उमंग की कोशिश एक आस दिलाती है दास्तानों को लहरों की आवाज नजारा दिलाती है अरमानों को एक खयाल‌ देकर जाती है।

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