Friday, 3 July 2026

कविता. ५९१८ इशारों को एहसासों की।

                           इशारों को एहसासों की।

इशारों को एहसासों की सुबह उमंग देती है जज्बातों को अरमानों की लहर धारा देती है तरानों को अफसानों की मुस्कान देती है।

इशारों को एहसासों की पुकार पहचान देती है धाराओं को किनारों की सुबह आस देती है आवाजों को लहरों की मुस्कान देती है।

इशारों को एहसासों की कोशिश अंदाज देती है राहों को दिशाओं की महफिल सोच देती है खयालों को सपनों की मुस्कान देती है।

इशारों को एहसासों की रोशनी नजारा देती है अदाओं को कदमों की तलाश समझ देती है बदलावों को उम्मीदों की मुस्कान देती है।

इशारों को एहसासों की आहट सरगम देती है सपनों को आशाओं की सरगम दास्तान देती है नजारों को अंदाजों की मुस्कान देती है।

इशारों को एहसासों की तलाश आस देती है अल्फाजों को राहों की अहमियत बदलाव देती है दास्तानों को दिशाओं की मुस्कान देती है।

इशारों को एहसासों की सोच उम्मीद देती है जज्बातों को बदलावों की आस अफसाना देती है किनारों को अदाओं की मुस्कान देती है।

इशारों को एहसासों की कहानी सपना देती है अरमानों को लम्हों की रोशनी उजाला देती है राहों को इरादों की मुस्कान देती है।

इशारों को एहसासों की समझ आवाज देती है उम्मीदों को तरानों की सरगम अल्फाज देती है आशाओं को जज्बातों की मुस्कान देती है।

इशारों को एहसासों की सौगात पुकार देती है अदाओं को धाराओं की समझ तराना देती है नजारों को दिशाओं की मुस्कान देती है।


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