Saturday, 14 March 2026

कविता. ५८११. आवाज संग अरमानों की।

                         आवाज संग अरमानों की।

आवाज संग अरमानों की तलाश इशारा देती है किनारों को कदमों से जज्बातों की रोशनी दिलाती है अल्फाजों की दुनिया दिलाती है।

आवाज संग अरमानों की सोच सरगम देती है तरानों को अफसानों से खयालों की कोशिश दिलाती है कदमों की दुनिया दिलाती है।

आवाज संग अरमानों की परख सपना देती है इरादों को एहसासों से उजालों की सुबह दिलाती है बदलावों की दुनिया दिलाती है।

आवाज संग अरमानों की आस दास्तान देती है उजालों को अंदाजों से तरानों की आहट दिलाती है खयालों की दुनिया दिलाती है।

आवाज संग अरमानों की सौगात उमंग देती है अल्फाजों को दास्तानों से राहों की परख दिलाती है धाराओं की दुनिया दिलाती है।

आवाज संग अरमानों की पुकार एहसास देती है नजारों को दिशाओं से इशारों की पहचान दिलाती है जज्बातों की दुनिया दिलाती है।

आवाज संग अरमानों की सुबह मुस्कान देती है अदाओं को लहरों से उम्मीदों की समझ दिलाती है अंदाजों की दुनिया दिलाती है।

आवाज संग अरमानों की पहचान तलाश देती है राहों को बदलावों से आशाओं की लहर दिलाती है दिशाओं की दुनिया दिलाती है।

आवाज संग अरमानों की उम्मीद लम्हा देती है इरादों को धाराओं से सपनों की सोच दिलाती है आशाओं की दुनिया दिलाती है।

आवाज संग अरमानों की सुबह मुस्कान देती है लहरों को जज्बातों से नजारों की कहानी दिलाती है सपनों की दुनिया दिलाती है।


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कविता. ५८११. आवाज संग अरमानों की।

                         आवाज संग अरमानों की। आवाज संग अरमानों की तलाश इशारा देती है किनारों को कदमों से जज्बातों की रोशनी दिलाती है अल्फाजो...