Tuesday, 20 October 2026

कविता.६०१७ लहरों से मुस्कान की कहानी।

                         लहरों से मुस्कान की कहानी।

लहरों से मुस्कान की कहानी अक्सर एहसासों से तलाश संग आवाज सुनाती है अदाओं को दिशाओं की महफिल संग सरगम सुनाती है।

लहरों से मुस्कान की कहानी अक्सर अरमानों से जज्बात संग पुकार सुनाती है तरानों को बदलावों की उम्मीद संग सरगम सुनाती है।

लहरों से मुस्कान की कहानी अक्सर दास्तानों से परख संग अफसाना सुनाती है किनारों को खयालों की पुकार संग सरगम सुनाती है।

लहरों से मुस्कान की कहानी अक्सर आवाजों से पहचान संग जज्बात सुनाती है राहों को अरमानों की सोच संग सरगम सुनाती है।

लहरों से मुस्कान की कहानी अक्सर कदमों से समझ संग बदलाव सुनाती है एहसासों को उजालों की समझ संग सरगम सुनाती है।

लहरों से मुस्कान की कहानी अक्सर अंदाजों से खयाल संग इरादा सुनाती है नजारों को लम्हों की कोशिश संग सरगम सुनाती है।

लहरों से मुस्कान की कहानी अक्सर राहों से आहट संग अरमान सुनाती है आशाओं को कदमों की सौगात संग सरगम सुनाती है।

लहरों से मुस्कान की कहानी अक्सर अफसानों से पुकार संग उम्मीद सुनाती है जज्बातों को बदलावों की राह संग सरगम सुनाती है।

लहरों से मुस्कान की कहानी अक्सर तरानों से सुबह संग पहचान सुनाती है खयालों को सपनों की परख संग सरगम सुनाती है।

लहरों से मुस्कान की कहानी अक्सर नजारों से कोशिश संग अदा सुनाती है लम्हों को अल्फाजों की सौगात संग सरगम सुनाती है।

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कविता.६०१७ लहरों से मुस्कान की कहानी।

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