Monday, 30 March 2026

कविता. ५८२७. उजालों की रोशनी अक्सर।

                          उजालों की रोशनी अक्सर।

उजालों की रोशनी अक्सर आशाओं को कदमों की सौगात दिलाती है इशारों को जज्बातों की मुस्कान अरमान सुनाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर तरानों को सपनों की पुकार दिलाती है लम्हों को अल्फाजों की अहमियत अरमान सुनाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर धाराओं को उम्मीदों की दास्तान दिलाती है नजारों को दिशाओं की रोशनी अरमान सुनाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर नजारों को इशारों की सुबह दिलाती है एहसासों को बदलावों की आहट अरमान सुनाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर दिशाओं को लहरों की आवाज दिलाती है राहों को अफसानों की सोच अरमान सुनाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर एहसासों को अदाओं की मुस्कान दिलाती है किनारों को अंदाजों की पहचान अरमान सुनाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर अफसानों को तरानों की अंदाज दिलाती है उम्मीदों को सपनों की आस अरमान सुनाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर दास्तानों को खयालों की परख दिलाती है आवाजों को लम्हों की सुबह अरमान सुनाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर जज्बातों को इशारों की सरगम दिलाती है दिशाओं को अफसानों की कहानी अरमान सुनाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर किनारों को लहरों की आस दिलाती है एहसासों को खयालों की पहचान अरमान सुनाती है।

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कविता. ५८२७. उजालों की रोशनी अक्सर।

                          उजालों की रोशनी अक्सर। उजालों की रोशनी अक्सर आशाओं को कदमों की सौगात दिलाती है इशारों को जज्बातों की मुस्कान अरमान...