Friday, 2 January 2026

कविता. ५७४०. किनारा अक्सर आशाओं की।

                        किनारा अक्सर आशाओं की।

किनारा अक्सर आशाओं की उमंग दिलाता है तरानों को बदलावों की पुकार कोशिश सुनाती है लहरों की कहानी एहसास दिलाती है।

किनारा अक्सर आशाओं की इरादा दिलाता है उजालों को अदाओं की सरगम बदलाव सुनाती है इरादों की पहचान एहसास दिलाती है।

किनारा अक्सर आशाओं की तलाश दिलाता है राहों को जज्बातों की रोशनी कहानी सुनाती है उम्मीदों की सौगात एहसास दिलाती है।

किनारा अक्सर आशाओं की महफिल दिलाता है अंदाजों को दास्तानों की समझ उम्मीद सुनाती है खयालों की धून एहसास दिलाती है।

किनारा अक्सर आशाओं की पुकार दिलाता है कदमों को अल्फाजों की दुनिया सरगम सुनाती है अरमानों की सुबह एहसास दिलाती है।

किनारा अक्सर आशाओं की कोशिश दिलाता है उम्मीदों को राहों की पहचान आस सुनाती है जज्बातों की आहट एहसास दिलाती है।

किनारा अक्सर आशाओं की समझ दिलाता है सपनों को आवाजों की अहमियत कहानी सुनाती है दास्तानों की सरगम एहसास दिलाती है।

किनारा अक्सर आशाओं की अफसाना दिलाता है धाराओं को नजारों की मुस्कान परख सुनाती है दिशाओं की महफिल एहसास दिलाती है।

किनारा अक्सर आशाओं की सौगात दिलाता है कदमों को अरमानों की आहट सरगम सुनाती है अल्फाजों की सोच एहसास दिलाती है।

किनारा अक्सर आशाओं की उजाला दिलाता है अंदाजों को सपनों की पहचान कोशिश सुनाती है जज्बातों की आस एहसास दिलाती है।

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कविता. ५७४४. जज्बात को मुस्कान की।

                        जज्बात को मुस्कान की। जज्बात को मुस्कान की आहट इशारा देती है किनारों को कदमों की सौगात अफसाना देती है लम्हों को आशाओ...