Sunday, 21 July 2019

कविता. ३००८. हर सूरज कि किरण कोई।

                                                                     हर सूरज कि किरण कोई।
हर सूरज कि किरण कोई कहानी कहती है एहसासों को परख लेने कि जरुरत कोई निशानी देती है कदमों को जज्बातों कि सरगम आस सुहानी देती है कोशिश को जज्बातों कि निशानी पुकार इशारों कि सुनाती है खयालों को तरानों कि समझ उमंग अलगसी देती है कदमों को कोशिश कि समझ बदलाव कि निशानी देती है दास्तानों को मौसम कि राह उजाले देती है।
हर सूरज कि किरण कोई उमंग कहती है दास्तानों को मौसम संग परख लेने कि अहमियत कोई इशारा देती है किनारों को धाराओं कि पुकार धून सुहानी देती है दास्तानों को मौसम कि पहचान अल्फाज से जुडने कि उम्मीद देती है अदाओं को अरमानों कि समझ बदलाव देती है कदमों को जज्बातों कि सोच सहारे देती है कोशिश को अफसानों कि आवाज उजाले देती है।
हर सूरज कि किरण कोई इशारा कहती है दिशाओं को अरमानों कि पुकार कई आशाएं देती है अल्फाजों को जज्बातों कि सोच बदलाव देती है कदमों को अरमानों कि दिशाएं आशाओं से जुडने कि पहचान देती है अंदाजों को दिशाओं कि परख उजाले देती है उम्मीदों को तरानों कि आवाज उमंग देती है दास्तानों को जज्बातों कि सोच के इशारों कि सरगम उजाले देती है।
हर सूरज कि किरण कोई उम्मीद कहती है कदमों को अंदाजों कि तलाश कई दिशाएं देती है दास्तानों को मौसम कि पहचान अल्फाज देती है किनारों को लहरों कि परख राहों से जुडकर कदमों कि निशानी देती है कोशिश को अफसानों कि तलाश तराने देती है किनारों को जज्बातों कि सोच सहारे देती है कदमों को आशाओं कि परख उम्मीदों कि पहचान के उजाले देती है।
हर सूरज कि किरण कोई तराना कहती है दिशाओं को अरमानों कि सोच कई आसमानों के एहसास देती है कदमों को अरमानों कि पुकार सपने देती है दिशाओं को अंदाजों कि तलाश किनारों कि सुबह देती है दास्तानों को जज्बातों कि सोच बदलाव देती है कदमों को आशाओं कि परख उम्मीदे देती है दास्तानों को मौसम कि तलाश एहसासों कि समझ के उजाले देती है।
हर सूरज कि किरण कोई दास्तान कहती है कदमों को जज्बातों कि तलाश कई खयालों के अल्फाज देती है किनारों को लहरों कि निशानी पुकार देती है कदमों को अरमानों कि आहट अफसानों कि तलाश देती है कोशिश को अंदाजों कि समझ उम्मीद देती है दिशाओं को अंदाजों कि सोच सहारे देती है लहरों को नजारों कि पुकार किनारों कि सुबह के उजाले देती है।
हर सूरज कि किरण कोई इरादा कहती है दिशाओं को अरमानों कि सोच कई अफसानों के तराने देती है दास्तानों को मौसम कि पहचान अल्फाज देती है आशाओं को कोशिश कि  तलाश सहारे देती है दास्तानों को मौसम कि पहचान बदलाव देती है दिशाओं को कदमों कि आहट अफसानों कि तलाश के उजाले देती है।
हर सूरज कि किरण कोई परख कहती है कदमों को जज्बातों कि तलाश कई किनारों के इशारे देती है दिशाओं को अरमानों कि समझ सपने देती है दास्तानों को मौसम कि पहचान आशाओं कि तलाश देती है कदमों को अरमानों कि समझ उम्मीद देती है अंदाजों को जज्बातों कि समझ बदलाव देती है दास्तानों को किनारों कि तलाश पहचान कि रोशनी के उजाले देती है।
हर सूरज कि किरण कोई अफसाना कहती है दिशाओं को अंदाजों कि तलाश कई खयालों के अल्फाज देती है अदाओं को जज्बातों कि सोच सहारे देती है तरानों को आवाजों कि धून दिशाओं कि परख देती है अदाओं को जज्बातों कि तलाश इशारे देती है कोशिश को अफसानों कि आवाज उम्मीद देती है कदमों को अरमानों कि समझ बदलाव के उजाले देती है।
हर सूरज कि किरण कोई कहानी कहती है आशाओं को सरगम कि निशानी कई अफसानों के तराने देती है किनारों को अंदाजों कि तलाश तराने देती है अदाओं को अरमानों कि समझ बदलावों कि सोच देती है दास्तानों को मौसम कि पुकार धून देती है अल्फाजों को अरमानों कि सोच सहारे देती है किनारों को जज्बातों कि तलाश पहचान के किनारे संग उजाले देती है।

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