Monday, 5 January 2026

कविता. ५७४३. आवाज की पुकार से।

                          आवाज की पुकार से।

आवाज की पुकार से आशाओं से एहसास पहचान सुनाती है तरानों को बदलावों की कोशिश उमंग दिलाती है।

आवाज की पुकार से धाराओं से आहट परख सुनाती है कदमों को अल्फाजों की दुनिया उमंग दिलाती है।

आवाज की पुकार से खयालों से अरमान उम्मीद सुनाती है आशाओं को अंदाजों की पहचान उमंग दिलाती है।

आवाज की पुकार से तरानों से सौगात बदलाव सुनाती है एहसासों को उजालों की रोशनी उमंग दिलाती है।

आवाज की पुकार से नजारों से मुस्कान अहमियत सुनाती है इशारों को अरमानों की सरगम उमंग दिलाती है।

आवाज की पुकार से अल्फाजों से सुबह जज्बात सुनाती है अफसानों को दास्तानों की कहानी उमंग दिलाती है।

आवाज की पुकार से जज्बातों से आहट दास्तान सुनाती है सपनों को किनारों की सुबह उमंग दिलाती है।

आवाज की पुकार से उजालों से बदलाव सौगात सुनाती है इरादों को आशाओं की तलाश उमंग दिलाती है।

आवाज की पुकार से उम्मीदों से रोशनी एहसास सुनाती है खयालों को किनारों की महफिल उमंग दिलाती है।

आवाज की पुकार से अंदाजों से आस अफसाना सुनाती है दिशाओं को लम्हों की अहमियत उमंग दिलाती है।




Sunday, 4 January 2026

कविता. ५७४२. जज्बातों की रोशनी से जुडकर।

                      जज्बातों की रोशनी से जुडकर। 

जज्बातों की रोशनी से जुडकर आवाज नया एहसास दिलाती है कदमों को अरमानों की सोच संग खयालों की समझ दिलाती है।

जज्बातों की रोशनी से जुडकर उम्मीद नया इरादा  दिलाती है तरानों को बदलावों की पुकार संग अंदाजों की समझ दिलाती है।

जज्बातों की रोशनी से जुडकर कोशिश नया अल्फाज दिलाती है उजालों को सपनों की पहचान संग आशाओं की समझ दिलाती है।

जज्बातों की रोशनी से जुडकर अंदाज नया नजारा दिलाती है उम्मीदों को आशाओं की सुबह संग दास्तानों की समझ दिलाती है।

जज्बातों की रोशनी से जुडकर उमंग नया सपना दिलाती है दिशाओं को लहरों की कहानी संग उम्मीदों की समझ दिलाती है।

जज्बातों की रोशनी से जुडकर सरगम नया बदलाव दिलाती है किनारों को अफसानों की सौगात संग राहों की समझ दिलाती है।

जज्बातों की रोशनी से जुडकर सौगात नया लहर दिलाती है धाराओं को दास्तानों की रोशनी संग लम्हों की समझ दिलाती है।

जज्बातों की रोशनी से जुडकर आहट नया उजाला दिलाती है अदाओं को खयालों की पुकार संग कदमों की समझ दिलाती है।

जज्बातों की रोशनी से जुडकर तलाश नया अफसाना दिलाती है अफसानों को अंदाजों की आहट संग तरानों की समझ दिलाती है।

जज्बातों की रोशनी से जुडकर उमंग नया कहानी दिलाती है आशाओं को उम्मीदों की आस संग बदलावों की समझ दिलाती है।


Saturday, 3 January 2026

कविता. ५७४१. एहसासों की आहट संग।

                         एहसासों की आहट संग।

एहसासों की आहट संग अरमानों की कश्ती कई किनारे लेकर आगे बढती है अल्फाजों को राहों की मुस्कान अदाओं के इशारे देती रहती है‌।

एहसासों की आहट संग जज्बातों की पुकार कई उम्मीदे लेकर आगे बढती है उजालों को सपनों की कोशिश अंदाजों के तराने देती रहती है।

एहसासों की आहट संग दिशाओं की कहानी कई अफसाने लेकर आगे बढती है आशाओं को कदमों की सरगम राहों के नजारे देती रहती है।

एहसासों की आहट संग अंदाजों की आस कई इशारे लेकर आगे बढती है बदलावों को धाराओं की पुकार खयालों के सहारे देती रहती है।

एहसासों की आहट संग दास्तानों की उमंग कई सपने लेकर आगे बढती है जज्बातों को तरानों की अहमियत कदमों के उजाले देती रहती है।

एहसासों की आहट संग आशाओं की पहचान कई लहरे लेकर आगे बढती है दिशाओं को दास्तानों की समझ दिशाओं के लम्हे देती रहती है।

एहसासों की आहट संग आवाजों की धून कई दास्ताने लेकर आगे बढती है अफसानों को इशारों की दुनिया आशाओं के किनारे देती रहती है।

एहसासों की आहट संग इशारों की सौगात कई नजारे देकर आगे बढती है लम्हों को धाराओं की पुकार अंदाजों के सपने देती रहती है।

एहसासों की आहट संग कदमों की आस कई उजाले देकर आगे बढती है आवाजों को उम्मीदों की परख खयालों के अफसाने देती रहती है।

एहसासों की आहट संग किनारों की समझ कई तराने देकर आगे बढती है सपनों को अंदाजों की सुबह कदमों के इरादे देती रहती है।

Friday, 2 January 2026

कविता. ५७४०. किनारा अक्सर आशाओं की।

                        किनारा अक्सर आशाओं की।

किनारा अक्सर आशाओं की उमंग दिलाता है तरानों को बदलावों की पुकार कोशिश सुनाती है लहरों की कहानी एहसास दिलाती है।

किनारा अक्सर आशाओं की इरादा दिलाता है उजालों को अदाओं की सरगम बदलाव सुनाती है इरादों की पहचान एहसास दिलाती है।

किनारा अक्सर आशाओं की तलाश दिलाता है राहों को जज्बातों की रोशनी कहानी सुनाती है उम्मीदों की सौगात एहसास दिलाती है।

किनारा अक्सर आशाओं की महफिल दिलाता है अंदाजों को दास्तानों की समझ उम्मीद सुनाती है खयालों की धून एहसास दिलाती है।

किनारा अक्सर आशाओं की पुकार दिलाता है कदमों को अल्फाजों की दुनिया सरगम सुनाती है अरमानों की सुबह एहसास दिलाती है।

किनारा अक्सर आशाओं की कोशिश दिलाता है उम्मीदों को राहों की पहचान आस सुनाती है जज्बातों की आहट एहसास दिलाती है।

किनारा अक्सर आशाओं की समझ दिलाता है सपनों को आवाजों की अहमियत कहानी सुनाती है दास्तानों की सरगम एहसास दिलाती है।

किनारा अक्सर आशाओं की अफसाना दिलाता है धाराओं को नजारों की मुस्कान परख सुनाती है दिशाओं की महफिल एहसास दिलाती है।

किनारा अक्सर आशाओं की सौगात दिलाता है कदमों को अरमानों की आहट सरगम सुनाती है अल्फाजों की सोच एहसास दिलाती है।

किनारा अक्सर आशाओं की उजाला दिलाता है अंदाजों को सपनों की पहचान कोशिश सुनाती है जज्बातों की आस एहसास दिलाती है।

Thursday, 1 January 2026

कविता. ५७३९. मुस्कान की सुबह संग।

                          मुस्कान की सुबह संग।

मुस्कान की सुबह संग आशाओं की महफिल खयाल सुनाती है नजारों को दिशाओं की आहट संग अरमानों की आवाज दिलाती है।

मुस्कान की सुबह संग इरादों की पहचान उमंग सुनाती है दास्तानों को लहरों की कोशिश संग‌ बदलावों की आवाज दिलाती है।

मुस्कान की सुबह संग नजारों की आस इरादा सुनाती है एहसासों को कदमों की उम्मीद संग खयालों की आवाज दिलाती है।

मुस्कान की सुबह संग उजालों की सरगम अरमान सुनाती है तरानों को लम्हों की कहानी संग दिशाओं की आवाज दिलाती है।

मुस्कान की सुबह संग जज्बातों की पुकार सपना सुनाती है अल्फाजों को राहों की समझ संग कदमों की आवाज दिलाती है।

मुस्कान की सुबह संग धाराओं की लहर सोच सुनाती है उजालों को उजालों की पहचान संग धाराओं की आवाज दिलाती है।

मुस्कान की सुबह संग तरानों की आहट इशारा सुनाती है अफसानों को किनारों की सौगात संग अदाओं की आवाज दिलाती है।

मुस्कान की सुबह संग अंदाजों की उम्मीद तलाश सुनाती है इशारों को नजारों की पुकार संग‌‌ राहों की आवाज दिलाती है।

मुस्कान की सुबह संग अरमानों की रोशनी समझ सुनाती है एहसासों को आशाओं की सरगम संग आशाओं की आवाज दिलाती है।

मुस्कान की सुबह संग दास्तानों की पहचान उजाला सुनाती है अंदाजों को बदलावों की परख संग किनारों की आवाज दिलाती है।

कविता. ५७४३. आवाज की पुकार से।

                          आवाज की पुकार से। आवाज की पुकार से आशाओं से एहसास पहचान सुनाती है तरानों को बदलावों की कोशिश उमंग दिलाती है। आवाज ...