Tuesday, 14 April 2026

कविता. ५८४२. कदमों की सौगात अक्सर।

                        कदमों की सौगात अक्सर।

कदमों की सौगात अक्सर उजालों से आशाओं की महफिल एहसास सुनाती है इरादों की पहचान संग खयाल सुनाती है।

कदमों की सौगात अक्सर नजारों से तरानों की सरगम पुकार सुनाती है अफसानों की आवाज संग खयाल‌ सुनाती है।

कदमों की सौगात अक्सर अल्फाजों से राहों की अहमियत आहट सुनाती है लहरों की कहानी संग खयाल सुनाती है।

कदमों की सौगात अक्सर दिशाओं से अरमानों की तलाश उमंग सुनाती है दास्तानों की समझ संग खयाल सुनाती है।

कदमों की सौगात अक्सर लहरों से किनारों की पहचान आस सुनाती है बदलावों की रोशनी संग खयाल सुनाती है।

कदमों की सौगात अक्सर आवाजों से सपनों की धून अरमान सुनाती है लम्हों की कोशिश संग खयाल सुनाती है।

कदमों की सौगात अक्सर जज्बातों से अदाओं की सोच पुकार सुनाती है किनारों की मुस्कान संग खयाल सुनाती है।

कदमों की सौगात अक्सर दास्तानों से इरादों की सुबह सपना सुनाती है दिशाओं की महफिल संग खयाल‌ सुनाती है।

कदमों की सौगात अक्सर बदलावों से आशाओं की आस कोशिश सुनाती है उम्मीदों की आहट संग खयाल सुनाती है।

कदमों की सौगात अक्सर उम्मीदों से अंदाजों की पुकार मुस्कान सुनाती है जज्बातों की रोशनी संग खयाल सुनाती है।


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कविता. ५८४२. कदमों की सौगात अक्सर।

                        कदमों की सौगात अक्सर। कदमों की सौगात अक्सर उजालों से आशाओं की महफिल एहसास सुनाती है इरादों की पहचान संग खयाल सुनाती ...