Sunday, 11 January 2026

कविता. ५७४९. आवाज कोई कहानी से।

                          आवाज कोई कहानी से।

आवाज कोई कहानी से उमंग सुनाती है एहसासों को उजालों की पहचान सुनाता है दिशाओं संग बदलावों की रोशनी तलाश दिलाती है।

आवाज कोई कहानी से आस सुनाती है उम्मीदों को तरानों की पुकार सुनाता है आशाओं संग अरमानों की सोच तलाश दिलाती है।

आवाज कोई कहानी से मुस्कान सुनाती है खयालों को इरादों की सुबह सुनाता है अल्फाजों संग उम्मीदों की सौगात तलाश दिलाती है।

आवाज कोई कहानी से पहचान सुनाती है तरानों को अफसानों की खयाल सुनाता है धाराओं संग अदाओं की परख तलाश दिलाती है।

आवाज कोई कहानी से कोशिश सुनाती है आशाओं को बदलावों की उम्मीद सुनाता है उजालों संग दिशाओं की लहर तलाश दिलाती है।

आवाज कोई कहानी से सरगम सुनाती है अंदाजों को दास्तानों की महफिल सुनाता है लम्हों संग सपनों की कोशिश तलाश दिलाती है।

आवाज कोई कहानी से पुकार सुनाती है धाराओं को कदमों की सौगात सुनाता है राहों संग अंदाजों की समझ तलाश दिलाती है।

आवाज कोई कहानी से अरमान सुनाती है जज्बातों को आशाओं की उमंग सुनाता है लहरों संग राहों की सरगम तलाश दिलाती है।

आवाज कोई कहानी से अहमियत सुनाती है इशारों को अदाओं की महफिल सुनाता है नजारों संग सपनों की सुबह तलाश दिलाती है।

आवाज कोई कहानी से लहर सुनाती है अल्फाजों को राहों की अहमियत सुनाता है अंदाजों संग किनारों की आहट तलाश दिलाती है।



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