Monday, 12 January 2026

कविता. ५७५०. अंदाजों की समझ अक्सर।

                         अंदाजों की समझ अक्सर।

अंदाजों की समझ अक्सर एहसास सुनाती है इशारों की सरगम मन की उम्मीद को तराना सुनाती है उजाले देकर जाती है।

अंदाजों की समझ अक्सर अफसाना सुनाती है आशाओं की पुकार मन की आवाज को पहचान सुनाती है इरादे देकर जाती है।

अंदाजों की समझ अक्सर मुस्कान सुनाती है उम्मीदों की कोशिश मन की तलाश को अल्फाज सुनाती है दास्ताने देकर जाती है।

अंदाजों की समझ अक्सर बदलाव सुनाती है लम्हों की अहमियत मन की आस को सौगात सुनाती है किनारे देकर जाती है।

अंदाजों की समझ अक्सर अरमान सुनाती है राहों की आवाज मन की अहमियत को जज्बात सुनाती है तराने देकर जाती है।

अंदाजों की समझ अक्सर नजारा सुनाती है दिशाओं की महफिल मन की पुकार को कोशिश सुनाती है अफसाने देकर जाती है।

अंदाजों की समझ अक्सर उमंग सुनाती है कदमों की सौगात मन की तलाश को सपना सुनाती है लहरे देकर जाती है।

अंदाजों की समझ अक्सर परख सुनाती है तरानों की सुबह मन की आहट को कोशिश सुनाती है नजारे देकर जाती है।

अंदाजों की समझ अक्सर पहचान सुनाती है धाराओं की सरगम मन की खयाल को इशारा सुनाती है राहे देकर जाती है।

अंदाजों की समझ अक्सर आवाज सुनाती है दास्तानों की उमंग मन की सुबह को बदलाव सुनाती है उम्मीदे देकर जाती है।

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