Friday, 4 April 2025

कविता. ५४६७. राहों को अरमानों की।

                            राहों को अरमानों की।

राहों को अरमानों की सोच इशारा दिलाती है लम्हों को अल्फाजों की पहचान तराना सुनाती है जज्बातों को लहरों की पुकार दिलाती है।

राहों को अरमानों की सौगात सुबह दिलाती है किनारों को अंदाजों की समझ अहमियत सुनाती है तरानों को इरादों की पुकार दिलाती है।

राहों को अरमानों की उमंग दास्तान दिलाती है अफसानो को खयालों की सरगम कोशिश सुनाती है उम्मीदों को तरानों की पुकार दिलाती है।

राहों को अरमानों की आस तलाश दिलाती है सपनों को बदलावों की आस अंदाज सुनाती है कदमों को लम्हों की पुकार दिलाती है।

राहों को अरमानों की कोशिश उम्मीद दिलाती है अदाओं को नजारों की सोच इरादा सुनाती है किनारों को आशाओं की पुकार दिलाती है।

राहों को अरमानों की तलाश आस दिलाती है कदमों को अल्फाजों की दुनिया एहसास सुनाती है उजालों को सपनों की पुकार दिलाती है।

राहों को अरमानों की रोशनी सरगम दिलाती है दिशाओं को उम्मीदों की आवाज सोच सुनाती है इरादों को दास्तानों की पुकार दिलाती है।

राहों को अरमानों की अदा उजाला दिलाती है अंदाजों को इरादों की सुबह जज्बात सुनाती है खयालों को आशाओं की पुकार दिलाती है।

राहों को अरमानों की लहर तराना दिलाती है इशारों को अफसानों की पहचान सरगम सुनाती है दिशाओं को अंदाजों की पुकार दिलाती है।

राहों को अरमानों की उमंग मुस्कान दिलाती है उजियारों को बदलावों की सोच आहट सुनाती है इरादों को खयालों की पुकार दिलाती है।

Thursday, 3 April 2025

कविता. ५४६६. आशाओं की सरगम संग।

                            आशाओं की सरगम संग।

आशाओं की सरगम संग लहर‌ इशारा दिलाती है अदाओं को सपनों की पुकार सौगात दिलाती है तरानों को उजाला दिलाती है।

आशाओं की सरगम संग आस उम्मीद दिलाती है नजारों को दिशाओं की कोशिश अरमान दिलाती है राहों को उजाला दिलाती है।

आशाओं की सरगम संग अंदाज मुस्कान दिलाती है कदमों को अल्फाजों की दुनिया खयाल दिलाती है तरानों को उजाला दिलाती है।

आशाओं की सरगम संग उमंग अफसाना दिलाती है किनारों को कदमों की पहचान आवाज दिलाती है लम्हों को उजाला दिलाती है।

आशाओं की सरगम संग आहट आहट दिलाती है लहरों को खयालों की सोच एहसास दिलाती है कदमों को उजाला दिलाती है।

आशाओं की सरगम संग दास्तान बदलाव दिलाती है जज्बातों को इशारों की समझ तलाश दिलाती है अरमानों को उजाला दिलाती है।

आशाओं की सरगम संग‌ सुबह अल्फाज दिलाती है अफसानों को अल्फाजों की आस‌ उम्मीद दिलाती है एहसासों को उजाला दिलाती है।

आशाओं की सरगम संग समझ‌ तराना दिलाती है कदमों को आवाजों की धून अहमियत दिलाती है सपनों को उजाला दिलाती है।

आशाओं की सरगम संग अदा इरादा दिलाती है किनारों को उम्मीदों की रोशनी धून दिलाती है खयालों को उजाला दिलाती है।

आशाओं की सरगम संग कोशिश लहर दिलाती है लम्हों को एहसासों की सौगात मुस्कान दिलाती है नजारों को उजाला दिलाती है।

Wednesday, 2 April 2025

कविता. ५४६५. लम्हों को एहसासों की।

                      लम्हों को एहसासों की।

लम्हों को एहसासों की पहचान इशारा देती है दिशाओं को अरमानों की सोच सरगम देती है किनारों को कदमों की आस देती है।

लम्हों को एहसासों की कोशिश उम्मीद देती है तरानों को इशारों की तलाश सुबह देती है अफसानों को आशाओं की आस देती है।

लम्हों को एहसासों की उमंग नजारा देती है आवाजों को धाराओं की समझ सौगात देती है जज्बातों को बदलावों की आस देती है।

लम्हों को एहसासों की रोशनी मुस्कान देती है अंदाजों को सपनों की पुकार अल्फाज देती है उजालों को अरमानों की आस देती है।

लम्हों को एहसासों की सुबह लहर देती है इरादों को किनारों की अहमियत दास्तान देती है अदाओं को राहों की आस देती है।

लम्हों को एहसासों की सौगात तलाश देती है अफसानों को सपनों की आहट उमंग देती है खयालों को जज्बातों की आस देती है।

लम्हों को एहसासों की पुकार सपना देती है आवाजों को कदमों की आवाज सरगम देती है किनारों को अंदाजों की आस देती है।

लम्हों को एहसासों की उम्मीद बदलाव देती है कदमों को खयालों की सोच उजाला देती है तरानों को उम्मीदों की आस देती है।

लम्हों को एहसासों की सरगम आवाज देती है तरानों को बदलावों की राह मुस्कान देती है इरादों को लहरों की आस देती है।

लम्हों को एहसासों की कोशिश परख देती है अफसानों को आशाओं की उमंग तराना देती है नजारों को आवाजों की आस देती है।

Tuesday, 1 April 2025

कविता. ५४६४. एक सुबह की रोशनी।

                        एक सुबह की रोशनी।

एक सुबह की रोशनी संग किनारों से अल्फाजों की उमंग सहारा दिलाती है खयालों संग आशाओं की महफिल आवाज दिलाती है।

एक सुबह की रोशनी संग एहसासों से अंदाजों की पुकार इशारा दिलाती है लहरों संग कदमों की मुस्कान आवाज दिलाती है।

एक सुबह की रोशनी संग‌ उम्मीदों से किनारों की समझ उजाला दिलाती है लम्हों संग अफसानो की आहट आवाज दिलाती है।

एक सुबह की रोशनी संग अरमानों से नजारों की सोच अफसाना दिलाती है दास्तानों संग उम्मीदों की सौगात आवाज दिलाती है।

एक सुबह की रोशनी संग बदलावों से इशारों की तलाश कोशिश दिलाती है राहों संग उजालों की सरगम आवाज दिलाती है।

एक सुबह की रोशनी संग कदमों से खयालों की आहट तराना दिलाती है आशाओं संग जज्बातों की पहचान आवाज दिलाती है।

एक सुबह की रोशनी संग दिशाओं से उम्मीदों की सौगात तलाश दिलाती है अदाओं संग इरादों की आस आवाज दिलाती है।

एक सुबह की रोशनी संग लहरों से उजालों की आहट खयाल‌ दिलाती है इशारों संग एहसासों की सोच आवाज दिलाती है।

एक सुबह की रोशनी संग लम्हों से राहों की कोशिश उमंग दिलाती है खयालों संग कोशिश की अहमियत आवाज दिलाती है।

एक सुबह की रोशनी संग उजालों से अंदाजों की पुकार इरादा दिलाती है कदमों संग सपनों की आस आवाज दिलाती है।


कविता. ५४६७. राहों को अरमानों की।

                            राहों को अरमानों की। राहों को अरमानों की सोच इशारा दिलाती है लम्हों को अल्फाजों की पहचान तराना सुनाती है जज्बातो...