Friday, 28 February 2025

कविता. ५४३२. इशारों को उजालों की।

                            इशारों को उजालों की।

इशारों को उजालों की रोशनी तराना देती है कदमों को अल्फाजों की दुनिया अफसाना देकर जाती है सपनों को आस नयी सुनाती है।

इशारों को उजालों की कोशिश नजारा देती है लहरों को खयालों की सरगम दास्तान देकर जाती है अरमानों को आस नयी सुनाती है।

इशारों को उजालों की आहट मुस्कान देती है लम्हों को किनारों की सोच अहमियत देकर जाती है जज्बातों को आस नयी सुनाती है।

इशारों को उजालों की तलाश सरगम देती है एहसासों को दिशाओं की आहट अल्फाज देकर जाती है आशाओं को आस नयी सुनाती है।

इशारों को उजालों की अंदाज सौगात देती है आवाजों को धाराओं की उमंग मुस्कान देकर जाती है नजारों को आस नयी सुनाती है।

इशारों को उजालों की सुबह अरमान देती है दास्तानों को लहरों की कोशिश एहसास देकर जाती है अंदाजों को आस नयी सुनाती है।

इशारों को उजालों की समझ सपना देती है उम्मीदों को अदाओं की दुनिया पहचान देकर जाती है किनारों को आस नयी सुनाती है।

इशारों को उजालों की सोच खयाल देती है इरादों को बदलावों की पुकार आवाज देकर जाती है लम्हों को आस नयी सुनाती है।

इशारों को उजालों की परख दास्तान देती है तरानों को अरमानों की सोच जज्बात देकर जाती है आशाओं को आस नयी सुनाती है।

इशारों को उजालों की पहचान तलाश देती है किनारों को उम्मीदों की आहट अफसाना देकर जाती है राहों को आस नयी सुनाती है।

Thursday, 27 February 2025

कविता. ५४३१. जज्बात संग मुस्कान अक्सर।

                      जज्बात संग मुस्कान अक्सर।

जज्बात संग मुस्कान अक्सर एहसासों की दुनिया दिलाती है लहरों को खयालों की समझ अफसाना देकर चलती है।

जज्बात संग मुस्कान अक्सर आशाओं की सरगम दिलाती है अंदाजों को सपनों की आहट अफसाना देकर जाती है।

जज्बात संग मुस्कान अक्सर अरमानों की सोच दिलाती है राहों को दास्तानों की रोशनी अफसाना देकर जाती है।

जज्बात संग मुस्कान अक्सर आवाजों की पुकार दिलाती है लम्हों को इशारों की आस अफसाना देकर जाती है।

जज्बात संग मुस्कान अक्सर किनारों की कोशिश दिलाती है इरादों को बदलावों की पुकार अफसाना देकर जाती है।

जज्बात संग मुस्कान अक्सर नजारों की तलाश दिलाती है किनारों को कदमों की पहचान अफसाना देकर जाती है।

जज्बात संग मुस्कान अक्सर उजालों की सोच दिलाती है खयालों को अरमानों की अहमियत अफसाना देकर जाती है।

जज्बात संग मुस्कान अक्सर दास्तानों की लहर दिलाती है एहसासों को तरानों की अल्फाज अफसाना देकर जाती है।

जज्बात संग मुस्कान अक्सर दिशाओं की कोशिश दिलाती है उम्मीदों को नजारों की उमंग अफसाना देकर जाती है।

जज्बात संग मुस्कान अक्सर धाराओं की समझ दिलाती है आवाजों को इरादों की सुबह अफसाना देकर जाती है।

Wednesday, 26 February 2025

कविता. ५४३०. ‌‌ अंदाजों से जुडकर।

                             अंदाजों से जुडकर।

अंदाजों से जुडकर मुस्कान दिलाती है लहरों को दास्तानों की सरगम आस सुनाती है अदाओं की समझ पहचान सुनाती है।

अंदाजों से जुडकर आवाज दिलाती है कदमों को अल्फाजों की दुनिया तलाश सुनाती है तरानों की सौगात पहचान सुनाती है।

अंदाजों से जुडकर रोशनी दिलाती है दिशाओं को आशाओं की आहट अफसाना सुनाती है नजारों की सोच पहचान सुनाती है।

अंदाजों से जुडकर कोशिश दिलाती है सपनों को राहों की पुकार एहसास सुनाती है अफसानों की उमंग पहचान सुनाती है।

अंदाजों से जुडकर उजाला दिलाती है जज्बातों को लम्हों की परख अरमान सुनाती है दिशाओं की पुकार पहचान सुनाती है।

अंदाजों से जुडकर उमंग दिलाती है किनारों को कदमों की सौगात अहमियत सुनाती है आवाजों की समझ पहचान सुनाती है।

अंदाजों से जुडकर अल्फाज दिलाती है इशारों को बदलावों की लहर खयाल सुनाती है अरमानों की सोच पहचान सुनाती है।

अंदाजों से जुडकर सहारा दिलाती है कदमों को अरमानों की सोच परख सुनाती है खयालों की अहमियत पहचान सुनाती है।

अंदाजों से जुडकर खयाल दिलाती है जज्बातों को आशाओं की सरगम तलाश सुनाती है लहरों की कोशिश पहचान सुनाती है।

अंदाजों से जुडकर नजारा दिलाती है आवाजों को धाराओं की सोच अफसाना सुनाती है किनारों की सुबह पहचान सुनाती है।

Tuesday, 25 February 2025

कविता. ५४२९. एहसासों को कदमों की।

                             एहसासों को कदमों की।

एहसासों को कदमों की सुबह आवाज सुनाती है लहरों को खयालों की सरगम सपना सुनाती है तरानों की पुकार सुनाकर जाती है।

एहसासों को कदमों की राह अफसाना सुनाती है लम्हों को अल्फाजों की दुनिया परख सुनाती है आशाओं की पुकार सुनाकर जाती है।

एहसासों को कदमों की सोच पहचान सुनाती है किनारों को अंदाजों की सौगात मुस्कान सुनाती है राहों की पुकार सुनाकर जाती है।

एहसासों को कदमों की रोशनी बदलाव सुनाती है कदमों को अरमानों की आस तलाश सुनाती है दिशाओं की पुकार सुनाकर जाती है।

एहसासों को कदमों की कोशिश कहानी सुनाती है जज्बातों को आशाओं की उमंग अफसाना सुनाती है सपनों की पुकार सुनाकर जाती है।

एहसासों को कदमों की दास्तान इशारा सुनाती है बदलावों को धाराओं की सुबह अरमान सुनाती है नजारों की पुकार सुनाकर जाती है।

एहसासों को कदमों की आहट उम्मीद सुनाती है आशाओं को उजालों की आस अहमियत सुनाती है लहरों की पुकार सुनाकर जाती है।

एहसासों को कदमों की सौगात आवाज सुनाती है इरादों को किनारों की सोच खयाल सुनाती है जज्बातों की पुकार सुनाकर जाती है।

एहसासों को कदमों की समझ कोशिश सुनाती है अफसानों को दिशाओं की आहट तलाश सुनाती है अदाओं की पुकार सुनाकर जाती है।

एहसासों को कदमों की परख अरमान सुनाती है उम्मीदों को खयालों की सरगम आवाज सुनाती है अंदाजों की पुकार सुनाकर जाती है।

Monday, 24 February 2025

कविता. ५४२८. किनारों संग रोशनी अक्सर।

                              किनारों संग रोशनी अक्सर।

किनारों संग रोशनी अक्सर आशाओं की पहचान दिलाती है लम्हों को अफसानों की सोच एहसास देकर जाती है।

किनारों संग रोशनी अक्सर आवाजों की धून दिलाती है खयालों को सपनों की आहट बदलाव देकर जाती है।

किनारों संग रोशनी अक्सर दास्तानों की उम्मीद दिलाती है इशारों को दिशाओं की कोशिश‌ मुस्कान देकर जाती है।

किनारों संग रोशनी अक्सर तरानों की सरगम दिलाती है दास्तानों को नजारों की अहमियत अरमान देकर‌ जाती है।

किनारों संग रोशनी अक्सर अल्फाजों की दुनिया दिलाती है उजालों को इरादों की पहचान पुकार देकर जाती है।

किनारों संग रोशनी अक्सर बदलावों की आहट दिलाती है लहरों को कदमों की सौगात जज्बात देकर जाती है।

किनारों संग रोशनी अक्सर अरमानों की सोच दिलाती है अफसानों को आशाओं की महफिल आवाज देकर जाती है।

किनारों संग रोशनी अक्सर खयालों की पहचान दिलाती है कदमों को अंदाजों की आहट अहमियत देकर जाती है।

किनारों संग रोशनी अक्सर राहों की अहमियत दिलाती है लम्हों को इशारों की सौगात खयाल देकर जाती है।

किनारों संग रोशनी अक्सर बदलावों की आस दिलाती है अल्फाजों को नजारों की पहचान उम्मीद देकर जाती है।

Sunday, 23 February 2025

कविता. ५४२७. खयालों को सपनों की।

                          खयालों को सपनों की।

खयालों को सपनों की पहचान इशारा देती है लहरों को आवाजों की धून अफसाना देती है तरानों को बदलावों की धारा देती है।

खयालों को सपनों की आवाज कोशिश देती है लम्हों को किनारों की सुबह सरगम देती है कदमों को अरमानों की धारा देती है।

खयालों को सपनों की सोच जज्बात देती है आशाओं को दास्तानों की सौगात तलाश देती है अंदाजों को नजारों की धारा देती है।

खयालों को सपनों की पुकार अल्फाज देती है किनारों को उजालों की उमंग अरमान देती है दिशाओं को अदाओं की धारा देती है।

खयालों को सपनों की उम्मीद सोच देती है अफसानों को इरादों की आस नजारा देती है लम्हों को अल्फाजों की धारा देती है।

खयालों को सपनों की उमंग तराना देती है धाराओं को आवाजों की धून जज्बात देती है इरादों को लहरों की धारा देती है।

खयालों को सपनों की आहट इशारा देती है अंदाजों को नजारों की तलाश पहचान देती है कदमों को दास्तानों की धारा देती है।

खयालों को सपनों की सौगात मुस्कान देती है किनारों को कदमों की अहमियत इरादा देती है आशाओं को एहसासों की धारा देती है।

खयालों को सपनों की उम्मीद दास्तान देती है जज्बातों को लहरों की कोशिश मुस्कान देती है लहरों की इशारों की धारा देती है।

खयालों को सपनों की सुबह खयाल देती है इरादों को बदलावों की आस एहसास देती है उम्मीदों को पहचान नजारों की धारा देती है।

Saturday, 22 February 2025

कविता. ५४२६. लहरों की पुकार अक्सर।

                        लहरों की पुकार अक्सर।

लहरों की पुकार अक्सर अलगसी सरगम देती है कदमों को उम्मीदों की आहट बदलाव देकर चलती है किनारों को कोशिश देती है।

लहरों की पुकार अक्सर अलगसी आवाज देती है तरानों को इशारों की आस अरमान देकर चलती है नजारों को कोशिश देती है।

लहरों की पुकार अक्सर अलगसी सोच देती है अफसानों को दिशाओं की समझ पहचान देकर चलती है जज्बातों को कोशिश देती है।

लहरों की पुकार अक्सर अलगसी उमंग देती है किनारों को सपनों की आवाज तलाश देकर चलती है दास्तानों को कोशिश देती है।

लहरों की पुकार अक्सर अलगसी तरंग देती है खयालों को उजालों की रोशनी बदलाव देकर चलती है अदाओं को कोशिश देती है।

लहरों की पुकार अक्सर अलगसी सौगात देती है एहसासों को राहों की सुबह सपना देकर चलती है आशाओं को कोशिश देती है।

लहरों की पुकार अक्सर अलगसी पहचान देती है उम्मीदों को तरानों की आहट आवाज देकर चलती है दिशाओं को कोशिश देती है।

लहरों की पुकार अक्सर अलगसी समझ देती है धाराओं को अंदाजों की सोच सौगात देकर चलती है कदमों को कोशिश देती है।

लहरों की पुकार अक्सर अलगसी मुस्कान देती है इशारों को जज्बातों की रोशनी बदलाव देकर जाती है आवाजों को कोशिश देती है।

लहरों की पुकार अक्सर अलगसी परख देती है नजारों को राहों की अहमियत अफसाना देकर जाती है अल्फाजों को कोशिश देती है।

Friday, 21 February 2025

कविता. ५४२५. अल्फाजों की समझ संग।

                         अल्फाजों की समझ संग।

अल्फाजों की समझ संग आशाओं की सुबह मुस्कान दिलाती है कदमों को अरमानों की दुनिया तलाश दिलाती है राहों की सरगम दिलाती है।

अल्फाजों की समझ संग नजारों की आस पहचान दिलाती है जज्बातों को बदलावों की कहानी कोशिश दिलाती है लहरों की सरगम दिलाती है।

अल्फाजों की समझ संग दिशाओं की सौगात तराना दिलाती है अदाओं को दास्तानों की सोच परख दिलाती है सपनों की सरगम दिलाती है।

अल्फाजों की समझ संग आवाजों की आहट खयाल दिलाती है नजारों को लम्हों की उम्मीद सुबह दिलाती है एहसासों की सरगम दिलाती है।

अल्फाजों की समझ संग अफसानों की सोच उमंग दिलाती है राहों को उजालों की रोशनी लम्हा दिलाती है इशारों की सरगम दिलाती है।

अल्फाजों की समझ संग दास्तानों की पहचान आवाज दिलाती है उम्मीदों को तरानों की पुकार दास्तान दिलाती है अंदाजों की सरगम दिलाती है।

अल्फाजों की समझ संग इरादों की कोशिश एहसास दिलाती है लहरों को जज्बातों की आवाज अरमान दिलाती है लम्हों की सरगम दिलाती है।

अल्फाजों की समझ संग उम्मीदों की अंदाज अरमान दिलाती है सपनों को अंदाजों की पहचान उम्मीद दिलाती है नजारों की सरगम दिलाती है।

अल्फाजों की समझ‌‌ संग किनारों की कश्ती पुकार दिलाती है अफसानों को आशाओं की धारा एहसास दिलाती है राहों की सरगम दिलाती है।

अल्फाजों की समझ संग दिशाओं की आस तलाश दिलाती है तरानों को इशारों की पुकार कोशिश दिलाती है खयालों की सरगम दिलाती है।

Thursday, 20 February 2025

कविता. ५४२४. आवाज की धून अक्सर।

                          आवाज की धून अक्सर।

आवाज की धून अक्सर बदलावों की रोशनी दिलाती है लम्हों को अल्फाजों की दुनिया सरगम सुनाती है नजारों की आस सुनाती है।

आवाज की धून अक्सर धाराओं की कोशिश दिलाती है जज्बातों को लहरों की पुकार दास्तान सुनाती है तरानों की आस सुनाती है।

आवाज की धून अक्सर आशाओं की महफिल दिलाती है अंदाजों को सपनों की पहचान उमंग सुनाती है राहों की आस सुनाती है।

आवाज की धून अक्सर इशारों की उम्मीद दिलाती है अरमानों को खयालों की अहमियत सौगात सुनाती है एहसासों की आस सुनाती है।

आवाज की धून अक्सर जज्बातों की मुस्कान दिलाती है कदमों को दिशाओं की कोशिश इरादा सुनाती है खयालों की आस सुनाती है।

आवाज की धून अक्सर अफसानों की सोच दिलाती है लहरों को किनारों की आहट अल्फाज सुनाती है कदमों की आस सुनाती है।

आवाज की धून अक्सर दास्तानों की रोशनी दिलाती है लम्हों को अदाओं की सरगम समझ सुनाती है उजालों की आस सुनाती है।

आवाज की धून अक्सर अरमानों की पुकार दिलाती है धाराओं को अंदाजों की पहचान सौगात सुनाती है उम्मीदों की आस सुनाती है।

आवाज की धून अक्सर नजारों की समझ दिलाती है इरादों को अदाओं की कोशिश दास्तान सुनाती है लहरों की आस सुनाती है।

आवाज की धून अक्सर खयालों की राह‌ दिलाती है उम्मीदों को दिशाओं की पुकार अफसाना सुनाती है कदमों की आस सुनाती है।

Wednesday, 19 February 2025

कविता. ५४२३. अदाओं को सपनों की।

                            अदाओं को सपनों की।

अदाओं को सपनों की आहट एहसास सुनाती है जज्बातों को लहरों की पुकार सरगम दिलाती है आशाओं की कोशिश दिलाती है।

अदाओं को सपनों की पहचान सोच सुनाती है एहसासों को अंदाजों की उमंग दास्तान दिलाती है लहरों की कोशिश दिलाती है।

अदाओं को सपनों की तलाश इरादा सुनाती है किनारों को कदमों की अहमियत अफसाना दिलाती है दिशाओं की कोशिश दिलाती है।

अदाओं को सपनों की रोशनी आवाज सुनाती है तरानों को खयालों की सोच अल्फाज दिलाती है बदलावों की कोशिश दिलाती है।

अदाओं को सपनों की उम्मीद जज्बात सुनाती है अरमानों को कदमों की मुस्कान पहचान दिलाती है अंदाजों की कोशिश दिलाती है।

अदाओं को सपनों की परख आहट सुनाती है इरादों को उजालों की सुबह बदलाव दिलाती है अल्फाजों की कोशिश दिलाती है।

अदाओं को सपनों की राह अरमान सुनाती है लहरों को किनारों की सौगात अहमियत दिलाती है जज्बातों की कोशिश दिलाती है।

अदाओं को सपनों की आस तराना‌ सुनाती है दास्तानों को उम्मीदों की लहर सहारा दिलाती है लम्हों की कोशिश दिलाती है।

अदाओं को सपनों की सौगात अंदाज सुनाती है राहों को दास्तानों की सोच खयाल दिलाती है कदमों की कोशिश दिलाती है।

अदाओं को सपनों की उमंग अफसाना सुनाती है धाराओं को जज्बातों की समझ बदलाव दिलाती है नजारों की कोशिश दिलाती है।

Tuesday, 18 February 2025

कविता. ५४२२. आशाओं की महफिल अक्सर।

                       आशाओं की महफिल अक्सर।

आशाओं की महफिल अक्सर दिशाओं की लहर दिलाती है कदमों को अल्फाजों की मुस्कान अरमान सुनाकर जाती है।

आशाओं की महफिल अक्सर अंदाजों की पुकार दिलाती है दास्तानों को नजारों की आहट अरमान सुनाकर जाती है।

आशाओं की महफिल अक्सर जज्बातों की सौगात दिलाती है लम्हों को इशारों की पहचान अरमान सुनाकर जाती है।

आशाओं की महफिल अक्सर राहों की अहमियत दिलाती है दिशाओं को बदलावों की राह अरमान सुनाकर जाती है।

आशाओं की महफिल अक्सर सपनों की कोशिश दिलाती है किनारों को आवाजों की धून अरमान सुनाकर जाती है।

आशाओं की महफिल अक्सर कदमों की आहट दिलाती है अंदाजों को एहसासों की कोशिश अरमान सुनाकर जाती है।

आशाओं की महफिल अक्सर अदाओं की सरगम दिलाती है राहों को खयालों की पहचान अरमान सुनाकर जाती है।

आशाओं की महफिल अक्सर उजालों की समझ दिलाती है लहरों को अफसानों की उमंग अरमान सुनाकर जाती है।

आशाओं की महफिल अक्सर उम्मीदों की धारा दिलाती है आवाजों को कदमों की परख अरमान सुनाकर जाती है।

आशाओं की महफिल अक्सर अफसानों की सुबह दिलाती है जज्बातों को बदलावों की रोशनी अरमान सुनाकर जाती है।

Monday, 17 February 2025

कविता. ५४२१. किनारों संग रोशनी अक्सर।

                          किनारों संग रोशनी अक्सर।

किनारों संग रोशनी अक्सर आशाओं की सरगम सुनाती है अफसानों को दिशाओं की पहचान अक्सर एहसासों की आस सुनाती है।

किनारों संग रोशनी अक्सर आवाजों की पुकार सुनाती है अरमानों को लम्हों की अहमियत अक्सर खयालों की आस सुनाती है।

किनारों संग रोशनी अक्सर अंदाजों की जज्बात सुनाती है तरानों को इशारों की आहट अक्सर नजारों की आस सुनाती है।

किनारों संग रोशनी अक्सर कदमों की आहट सुनाती है सपनों को राहों की सौगात अक्सर अफसानों की आस सुनाती है।

किनारों संग रोशनी अक्सर दास्तानों की उमंग सुनाती है खयालों को दिशाओं की सरगम अक्सर इरादों की आस सुनाती है।

किनारों संग रोशनी अक्सर अदाओं की पहचान सुनाती है आशाओं को बदलावों की पुकार अक्सर अंदाजों की आस सुनाती है।

किनारों संग रोशनी अक्सर उम्मीदों की तरंग सुनाती है जज्बातों को लहरों की सौगात अक्सर अल्फाजों की आस सुनाती है।

किनारों संग रोशनी अक्सर तरानों की आहट सुनाती है एहसासों को कदमों की धारा अक्सर नजारों की आस सुनाती है।

किनारों संग रोशनी अक्सर दास्तानों की धून सुनाती है अरमानों को लम्हों की अहमियत अक्सर सपनों की आस सुनाती है।

किनारों संग रोशनी अक्सर उजालों की सुबह सुनाती है खयालों को राहों की कोशिश अक्सर इशारों की आस सुनाती है।

Sunday, 16 February 2025

कविता. ५४२०. कदमों को अल्फाजों की।

                        कदमों को अल्फाजों की।

कदमों को अल्फाजों की दुनिया सरगम सुनाती है जज्बातों को लहरों की पुकार कोशिश सुनाती है किनारों को तलाश दिलाती है।

कदमों को अल्फाजों की उमंग दास्तान सुनाती है एहसासों को राहों की मुस्कान अरमान सुनाती है आवाजों को तलाश दिलाती है।

कदमों को अल्फाजों की रोशनी अफसाना सुनाती है तरानों को किनारों की सुबह पहचान सुनाती है नजारों को तलाश दिलाती है।

कदमों को अल्फाजों की समझ खयाल सुनाती है लम्हों को उजालों की कोशिश बदलाव सुनाती है अदाओं को तलाश दिलाती है।

कदमों को अल्फाजों की सोच उम्मीद सुनाती है खयालों को नजारों की सौगात तराना सुनाती है बदलावों को तलाश दिलाती है।

कदमों को अल्फाजों की परख इशारा सुनाती है एहसासों को राहों की अहमियत पुकार सुनाती है दिशाओं को तलाश दिलाती है।

कदमों को अल्फाजों की लहर अफसाना सुनाती है अंदाजों को सपनों की आहट आवाज सुनाती है लम्हों को तलाश दिलाती है।

कदमों को अल्फाजों की पहचान सोच सुनाती है दास्तानों को दिशाओं की लहर कोशिश सुनाती है राहों को तलाश दिलाती है।

कदमों को अल्फाजों की आस मुस्कान सुनाती है खयालों को किनारों की आहट पहचान सुनाती है आशाओं को तलाश दिलाती है।

कदमों को अल्फाजों की आहट बदलाव सुनाती है एहसासों को नजारों की रोशनी पुकार सुनाती है अरमानों को तलाश दिलाती है।

Saturday, 15 February 2025

कविता. ५४१९. जज्बात की राह अक्सर।

                             जज्बात की राह अक्सर।

जज्बात की राह अक्सर एहसास दिलाती है लम्हों को अल्फाजों की आस अरमान सुनाती है नजारों को लम्हों की अहमियत दिलाती है।

जज्बात की राह अक्सर तलाश दिलाती है कदमों को बदलावों की उमंग दास्तान सुनाती है तरानों को इशारों की अहमियत दिलाती है।

जज्बात की राह अक्सर आवाज दिलाती है किनारों को लहरों की पुकार कोशिश सुनाती है आशाओं को लम्हों की अहमियत दिलाती है।

जज्बात की राह अक्सर अंदाज दिलाती है खयालों को नजारों की सौगात मुस्कान सुनाती है उम्मीदों को अल्फाजों की अहमियत दिलाती है।

जज्बात की राह अक्सर आस दिलाती है धाराओं को अंदाजों की समझ उजाला सुनाती है एहसासों को किनारों की अहमियत दिलाती है।

जज्बात की राह अक्सर तराना दिलाती है आवाजों को कदमों की पहचान उमंग सुनाती है अरमानों को आशाओं की अहमियत दिलाती है।

जज्बात की राह अक्सर कोशिश दिलाती है नजारों को दिशाओं की सोच अफसाना सुनाती है सपनों को दास्तानों की अहमियत दिलाती है।

जज्बात की राह अक्सर लहर दिलाती है सपनों को आशाओं की पहचान कोशिश सुनाती है इरादों को कदमों की अहमियत दिलाती है।

जज्बात की राह अक्सर उजाला दिलाती है उम्मीदों को अरमानों की सोच सौगात सुनाती है अंदाजों को खयालों की अहमियत दिलाती है।

जज्बात की राह अक्सर उमंग दिलाती है लहरों को दास्तानों की सरगम आस सुनाती है अदाओं को नजारों की अहमियत दिलाती है।

Friday, 14 February 2025

कविता. ५४१८. उजालों की सुबह अक्सर।

                           उजालों की सुबह अक्सर।

उजालों की सुबह अक्सर तरानों की तलाश दिलाती है लम्हों को अल्फाजों की दुनिया अफसाना दिलाती है नजारों को एहसास दिलाती है।

उजालों की सुबह अक्सर सपनों की आहट दिलाती है कदमों को अरमानों की सोच किनारा दिलाती है जज्बातों को एहसास दिलाती है।

उजालों की सुबह अक्सर खयालों की सोच दिलाती है बदलावों को धाराओं की आस उमंग दिलाती है आवाजों को एहसास दिलाती है।

उजालों की सुबह अक्सर अदाओं की कोशिश दिलाती है आशाओं को इशारों की आहट लहर दिलाती है राहों को एहसास दिलाती है।

उजालों की सुबह अक्सर दास्तानों की परख दिलाती है किनारों को इरादों की पहचान सहारा दिलाती है अरमानों को एहसास दिलाती है।

उजालों की सुबह अक्सर उम्मीदों की सौगात दिलाती है अल्फाजों को राहों की अहमियत समझ दिलाती है अंदाजों को एहसास दिलाती है।

उजालों की सुबह अक्सर लहरों की उम्मीद दिलाती है अफसानों को दिशाओं की कोशिश तलाश दिलाती है आशाओं को एहसास दिलाती है।

उजालों की सुबह अक्सर अरमानों की सोच दिलाती है कदमों को लहरों की कहानी पहचान दिलाती है इशारों को एहसास दिलाती है।

उजालों की सुबह अक्सर किनारों की सरगम दिलाती है लम्हों को दास्तानों की समझ आस दिलाती है दिशाओं को एहसास दिलाती है।

उजालों की सुबह अक्सर आवाजों की धून दिलाती है अरमानों को नजारों की पुकार सहारा दिलाती है सपनों को एहसास दिलाती है।


Thursday, 13 February 2025

कविता. ५४१७. आशाओं की धारा सुनाकर।

                      आशाओं की धारा सुनाकर।

आशाओं की धारा सुनाकर एहसास की समझ इशारा देती है खयालों की सरगम अक्सर अफसाना देती है तरानों की सुबह देती है।

आशाओं की धारा सुनाकर अंदाज की आस दास्तान देती है कदमों की पहचान अक्सर आवाज देती है आवाजों की सुबह देती है।

आशाओं की धारा सुनाकर उम्मीद की सौगात तलाश देती है लहरों की पुकार अक्सर खयाल देती है नजारों की सुबह देती है।

आशाओं की धारा सुनाकर मुस्कान की समझ उजाला देती है अरमानों की सोच अक्सर बदलाव देती है किनारों की सुबह देती है।

आशाओं की धारा सुनाकर रोशनी की परख सौगात देती है लम्हों की अहमियत अक्सर पहचान देती है अदाओं की सुबह देती है।

आशाओं की धारा सुनाकर आहट की सोच इरादा देती है नजारों की सौगात अक्सर अफसाना देती है एहसासों की सुबह देती है।

आशाओं की धारा सुनाकर लहर की कोशिश सहारा देती है इशारों की आस अक्सर आवाज देती है अंदाजों की सुबह देती है।

आशाओं की धारा सुनाकर उमंग की सुबह उम्मीद देती है अफसानों की राह अक्सर तलाश देती है दिशाओं की सुबह देती है।

आशाओं की धारा सुनाकर लहर की पुकार सरगम देती है खयालों की सोच अक्सर दास्तान देती है कदमों की सुबह देती है।

आशाओं की धारा सुनाकर परख की सोच आहट देती है अंदाजों की सौगात अक्सर तराना देती है उजालों की सुबह देती है।


Wednesday, 12 February 2025

कविता. ५४१६. नजारों की सरगम।

                            नजारों की सरगम।

नजारों संग सरगम आशाओं की पुकार दिलाती है लहरों को खयालों की समझ जज्बात सुनाती है कदमों की आहट देकर जाती है।

नजारों संग सरगम आवाजों की धून दिलाती है उजालों को किनारों की सुबह आस सुनाती है तरानों की आहट देकर जाती है।

नजारों संग सरगम इरादों की सोच दिलाती है अंदाजों को राहों की अहमियत पुकार सुनाती है अदाओं की आहट देकर जाती है।

नजारों संग सरगम दास्तानों की समझ दिलाती है दिशाओं को कदमों की सोच इरादा सुनाती है सपनों की आहट देकर जाती है।

नजारों संग सरगम किनारों की आस दिलाती है इशारों को जज्बातों की मुस्कान अरमान सुनाती है एहसासों की आहट देकर जाती है।

नजारों संग सरगम दिशाओं की कोशिश दिलाती है उम्मीदों को लहरों की पहचान तराना सुनाती है खयालों की आहट देकर जाती है।

नजारों संग सरगम अफसानों की रोशनी दिलाती है इरादों को अंदाजों की पुकार बदलाव सुनाती है आवाजों की आहट देकर जाती है।

नजारों संग सरगम लम्हों की समझ‌ दिलाती है लम्हों को अरमानों की सौगात तलाश सुनाती है जज्बातों की आहट देकर जाती है।

नजारों संग सरगम लहरों की सोच दिलाती है इशारों को बदलावों की सोच अफसाना सुनाती है राहों की आहट देकर जाती है।

नजारों संग सरगम अल्फाजों की रोशनी दिलाती है उम्मीदों को इरादों की पहचान सहारा सुनाती है दिशाओं की आहट देकर जाती है।

Tuesday, 11 February 2025

कविता. ५४१५. अरमानों की सोच जुडकर।

                          अरमानों की सोच जुडकर।

अरमानों की सोच जुडकर तराना दिलाती है इशारों को लम्हों का किनारा दिलाती है जज्बातों को सपनों की आहट कोशिश दिलाती है।

अरमानों की सोच जुडकर नजारा दिलाती है कदमों को अल्फाजों का इशारा दिलाती है आशाओं को कदमों की पुकार कोशिश दिलाती है।

अरमानों की सोच जुडकर मुस्कान दिलाती है अंदाजों को अफसानों का रोशनी दिलाती है अदाओं को खयालों की सरगम कोशिश दिलाती है।

अरमानों की सोच जुडकर अल्फाज दिलाती है राहों को आशाओं का पहचान दिलाती है किनारों को लहरों की समझ कोशिश दिलाती है।

अरमानों की सोच जुडकर सुबह दिलाती है जज्बातों को बदलावों का इरादा दिलाती है खयालों को राहों की अहमियत कोशिश दिलाती है।

अरमानों की सोच जुडकर लहर दिलाती है एहसासों को उजालों का तराना दिलाती है अफसानों को सपनों की रोशनी कोशिश दिलाती है।

अरमानों की सोच जुडकर आवाज दिलाती है लम्हों को इशारों का उमंग दिलाती है दिशाओं को जज्बातों की पुकार कोशिश दिलाती है।

अरमानों की सोच जुडकर अंदाज दिलाती है खयालों को अंदाजों का नजारा दिलाती है बदलावों को धाराओं की समझ कोशिश दिलाती है।

अरमानों की सोच जुडकर मुस्कान दिलाती है कदमों को अल्फाजों की दुनिया दिलाती है नजारों को दिशाओं की परख कोशिश दिलाती है।

अरमानों की सोच जुडकर पहचान दिलाती है उम्मीदों को एहसासों की सरगम दिलाती है लम्हों को इशारों की आहट कोशिश दिलाती है।


Monday, 10 February 2025

कविता. ५४१४. अदाओं की धून अक्सर।

                         अदाओं की धून अक्सर।

अदाओं की धून अक्सर आशाओं की सरगम सुनाती है नजारों को अंदाजों की मुस्कान दास्तान दिलाती है लहरों की सोच सुनाती है।

अदाओं की धून अक्सर बदलावों की सपना सुनाती है जज्बातों को बदलावों की पुकार अहमियत दिलाती है लम्हों की सोच सुनाती है।

अदाओं की धून अक्सर अरमानों की पहचान सुनाती है इरादों को किनारों की तलाश खयाल दिलाती है उजालों की सोच सुनाती है।

अदाओं की धून अक्सर अंदाजों की आस‌ सुनाती है राहों को आशाओं की सरगम कोशिश दिलाती है दिशाओं की सोच सुनाती है।

अदाओं की धून अक्सर उम्मीदों की पुकार सुनाती है अफसानों को कदमों की आहट परख दिलाती है राहों की सोच सुनाती है।

अदाओं की धून अक्सर धाराओं की कोशिश सुनाती है अरमानों को बदलावों की आस एहसास दिलाती है नजारों की सोच सुनाती है।

अदाओं की धून अक्सर दास्तानों की अल्फाज सुनाती है इशारों को जज्बातों की सुबह सौगात दिलाती है अंदाजों की सोच सुनाती है।

अदाओं की धून अक्सर तरानों की अंदाज सुनाती है अल्फाजों को नजारों की उमंग खयाल दिलाती है आवाजों की सोच सुनाती है।

अदाओं की धून अक्सर दिशाओं की उमंग सुनाती है लहरों को दिशाओं की सौगात अहमियत दिलाती है इरादों की सोच सुनाती है।

अदाओं की धून अक्सर कदमों की कहानी सुनाती है एहसासों को किनारों की सुबह सरगम दिलाती है खयालों की सोच सुनाती है।

Sunday, 9 February 2025

कविता. ५४१३. इशारों को जज्बातों की।

                          इशारों को जज्बातों की।

इशारों को जज्बातों की रोशनी बदलाव दिलाती है तरानों को आशाओं की सरगम सोच सुनाती है एहसासों की सुबह देकर जाती है।

इशारों को जज्बातों की पुकार अफसाना दिलाती है दिशाओं को कदमों की लहर दास्तान सुनाती है किनारों की सुबह देकर जाती है।

इशारों को जज्बातों की तलाश अरमान दिलाती है राहों को अरमानों की आस आवाज सुनाती है सपनों की सुबह देकर जाती है।

इशारों को जज्बातों की समझ कोशिश दिलाती है लम्हों को अल्फाजों की दुनिया पहचान सुनाती है उजालों की सुबह देकर जाती है।

इशारों को जज्बातों की उम्मीद परख दिलाती है खयालों को नजारों की सौगात तराना सुनाती है आवाजों की सुबह देकर जाती है।

इशारों को जज्बातों की सरगम बदलाव दिलाती है आशाओं को अंदाजों की पुकार मुस्कान सुनाती है दास्तानों की सुबह देकर जाती है।

इशारों को जज्बातों की अदा उमंग दिलाती है तरानों को अफसानों की सोच अहमियत सुनाती है कदमों की सुबह देकर जाती है।

इशारों को जज्बातों की पहचान सहारा दिलाती है लम्हों को खयालों की सरगम सपना सुनाती है दिशाओं की सुबह देकर जाती है।

इशारों को जज्बातों की समझ तराना दिलाती है उजालों को किनारों की उम्मीद कोशिश सुनाती है राहों की सुबह देकर जाती है।

इशारों को जज्बातों की लहर आवाज दिलाती है अरमानों को नजारों की पहचान सरगम सुनाती है बदलावों की सुबह देकर जाती है।

Saturday, 8 February 2025

कविता. ५४१२. अनमोल सी कोई आस।

                        अनमोल सी कोई आस।

अनमोल सी कोई आस अरमानों की आंधी लाती है सपनों को जज्बातों की मुस्कान तलाश दिलाती है राहों को दास्तानों की समझ देकर जाती है।

अनमोल सी कोई आस आवाजों की धून लाती है तरानों को बदलावों की पुकार कोशिश दिलाती है लहरों को अंदाजों की समझ देकर जाती है।

अनमोल सी कोई आस आशाओं की उमंग लाती है किनारों को कदमों की सोच अहमियत दिलाती है नजारों को लम्हों की समझ देकर जाती है।f

अनमोल सी कोई आस उम्मीदों की आहट लाती है इशारों को उजालों की सुबह अफसाना दिलाती है खयालों को दिशाओं की समझ देकर जाती है।

अनमोल सी कोई आस तरानों की अल्फाज लाती है आवाजों को किनारों की रोशनी नजारा दिलाती है लहरों को एहसासों की समझ देकर जाती है।

अनमोल सी कोई आस दास्तानों की सरगम लाती है अफसानों को आशाओं की सुबह जज्बात दिलाती है कदमों को खयालों की समझ देकर जाती है।

अनमोल सी कोई आस किनारों की सोच लाती है नजारों को राहों की अहमियत सौगात दिलाती है इरादों को किनारों की समझ देकर जाती है।

अनमोल सी कोई आस एहसासों की सुबह लाती है जज्बातों को लहरों की पुकार खयाल दिलाती है लम्हों को अल्फाजों की समझ देकर जाती है।

अनमोल सी कोई आस उजालों की कोशिश लाती है किनारों को अफसानों की उमंग दास्तान दिलाती है लम्हों को कदमों की समझ देकर जाती है।

अनमोल सी कोई आस नजारों की सरगम लाती है अंदाजों को इशारों की पहचान सहारा दिलाती है बदलावों को धाराओं की समझ देकर जाती है।

Friday, 7 February 2025

कविता. ५४११. आशाओं की पहचान अक्सर।

                       आशाओं की पहचान अक्सर।

आशाओं की पहचान अक्सर बदलावों की पुकार दिलाती है लम्हों को अल्फाजों की दुनिया सरगम सुनाती है।

आशाओं की पहचान अक्सर इरादों की सुबह दिलाती है एहसासों को किनारों की अहमियत सरगम सुनाती है।

आशाओं की पहचान अक्सर कदमों की सौगात दिलाती है जज्बातों को बदलावों की पुकार सरगम दिलाती है।

आशाओं की पहचान अक्सर अंदाजों की उमंग दिलाती है इशारों को जज्बातों की आहट सरगम दिलाती है।

आशाओं की पहचान अक्सर अरमानों की आस दिलाती है आवाजों को धाराओं की कोशिश सरगम दिलाती है।

आशाओं की पहचान अक्सर सपनों की अफसाना दिलाती है उम्मीदों को तरानों की आवाज सरगम दिलाती है।

आशाओं की पहचान अक्सर नजारों की उम्मीद दिलाती है अदाओं को खयालों की मुस्कान सरगम दिलाती है।

आशाओं की पहचान अक्सर जज्बातों की रोशनी दिलाती है अफसानों को दिशाओं की सौगात सरगम दिलाती है।

आशाओं की पहचान अक्सर उजालों की आस दिलाती है लहरों को नजारों की आहट सरगम दिलाती है।

आशाओं की पहचान अक्सर लहरों की कोशिश दिलाती है कदमों को अरमानों की दास्तान सरगम दिलाती है।

Thursday, 6 February 2025

कविता. ५४१०. किसी एहसास संग।

                             किसी एहसास संग।

किसी एहसास संग आशाओं की कहानी दिशा देती है लम्हों को अल्फाजों की दुनिया सरगम देती है तरानों को इशारों की आहट देती है।

किसी एहसास संग सपनों की आस धारा देती है किनारों को बदलावों की समझ पहचान देती है आवाजों को उम्मीदों की आहट देती है।

किसी एहसास संग जज्बातों की रोशनी अदा देती है दास्तानों को नजारों की सुबह राह देती है अंदाजों को लम्हों की आहट देती है।

किसी एहसास संग कदमों की सौगात तलाश देती है अरमानों को अंदाजों की समझ सहारा देती है लहरों को खयालों की आहट देती है।

किसी एहसास संग दिशाओं की कोशिश बदलाव देती है उजालों को आवाजों की राह मुस्कान देती है आशाओं को लम्हों की आहट देती है।

किसी एहसास संग तरानों की समझ पहचान देती है अफसानों को बदलावों की सोच किनारा देती है खयालों को राहों की आहट देती है।

किसी एहसास संग अरमानों की परख समझ देती है उम्मीदों को अल्फाजों की दुनिया बदलाव देती है किनारों को अंदाजों की आहट देती है।

किसी एहसास संग लम्हों की महफिल पुकार देती है सपनों को जज्बातों की तलाश अहमियत देती है राहों को कदमों की आहट देती है।

किसी एहसास संग किनारों की सौगात सपना देती है नजारों को उजालों की सरगम अफसाना देती है अदाओं को राहों की आहट देती है।

किसी एहसास संग अरमानों की उमंग आवाज देती है दास्तानों को किनारों की पुकार उम्मीद देती है खयालों को नजारों की आहट देती है।

Wednesday, 5 February 2025

कविता. ५४०९. नजारों की आहट अक्सर।

                         नजारों की आहट अक्सर।

नजारों की आहट अक्सर सपनों की पुकार देकर जाती है लम्हों को अल्फाजों की सरगम तलाश सुनाकर जाती है।

नजारों की आहट अक्सर अरमानों की कोशिश देकर जाती है किनारों को लहरों की अहमियत तराना सुनाकर जाती है।

नजारों की आहट अक्सर आवाजों की आस देकर जाती है उजालों को एहसासों की उमंग अंदाज सुनाकर जाती है।

नजारों की आहट अक्सर जज्बातों की रोशनी देकर जाती है अफसानों को आशाओं की सोच आवाज सुनाकर जाती है।

नजारों की आहट अक्सर राहों की मुस्कान देकर जाती है कदमों को उम्मीदों की कश्ती पहचान सुनाकर जाती है।

नजारों की आहट अक्सर दास्तानों की समझ देकर जाती है इशारों को खयालों की सौगात मुस्कान सुनाकर जाती है।

नजारों की आहट अक्सर अंदाजों की आस देकर जाती है जज्बातों को बदलावों की पुकार कोशिश सुनाकर जाती है।

नजारों की आहट अक्सर कदमों की पहचान देकर जाती है उम्मीदों को तरानों की अहमियत समझ सुनाकर जाती है।

नजारों की आहट अक्सर किनारों की सुबह देकर जाती है उजालों को आशाओं की धून अरमान सुनाकर जाती है।

नजारों की आहट अक्सर एहसासों की आस देकर जाती है दिशाओं को लहरों की आवाज सरगम सुनाकर जाती है।

Tuesday, 4 February 2025

कविता. ५४०८. आवाजों की राह अक्सर।

                          आवाजों की राह अक्सर।

आवाजों की राह अक्सर इशारा देती है किनारों को जज्बातों की सोच अरमानों की धारा देती है कदमों को एहसासों का नजारा देती है।

आवाजों की राह अक्सर अफसाना देती है उजालों को आशाओं की पुकार अल्फाजों की आस देती है उम्मीदों को तरानों का नजारा देती है।

आवाजों की राह अक्सर लहर देती है इरादों को लम्हों की अहमियत खयालों की सरगम देती है दास्तानों को लहरों का नजारा देती है।

आवाजों की राह अक्सर कोशिश देती है दिशाओं को लहरों की सौगात अंदाजों की समझ देती है धाराओं को बदलावों का नजारा देती है।

आवाजों की राह अक्सर सुबह देती है उम्मीदों को अरमानों की पुकार उजालों की कोशिश देती है अंदाजों को इशारों का नजारा देती है।

आवाजों की राह अक्सर आहट देती है एहसासों को अफसानों की रोशनी इरादों की आस देती है सपनों को लम्हों का नजारा देती है।

आवाजों की राह अक्सर तलाश देती है अंदाजों को सपनों की परख अल्फाजों की सौगात देती है दिशाओं को उम्मीदों का नजारा देती है।

आवाजों की राह अक्सर सहारा देती है अल्फाजों को किनारों की पहचान लम्हों की उमंग देती है अफसानों को आशाओं का नजारा देती है।

आवाजों की राह अक्सर खयाल देती है दास्तानों को लहरों की अहमियत सपनों की आहट देती है कदमों को लम्हों का नजारा देती है।

आवाजों की राह अक्सर आस देती है आशाओं को कदमों की सोच उम्मीदों की कश्ती देती है किनारों को लहरों का नजारा देती है।

आवाजों की राह अक्सर बदलाव देती है अदाओं को खयालों की सरगम आशाओं की रोशनी देती है तरानों को अदाओं का नजारा देती है।

Monday, 3 February 2025

कविता. ५४०७. खयाल संग आशाओं की।

                           खयाल संग आशाओं की।

खयाल संग आशाओं की कोशिश तलाश दिलाती है तरानों से आवाजों की धून अफसाना सुनाती है अंदाजों की पुकार दिलाती है।

खयाल संग आशाओं की सरगम सुबह दिलाती है लहरों से उजालों की रोशनी बदलाव सुनाती है दिशाओं की पुकार दिलाती है।

खयाल संग आशाओं की उमंग दास्तान दिलाती है लम्हों से नजारों की आस अहमियत सुनाती है राहों की पुकार दिलाती है।

खयाल संग आशाओं की सौगात मुस्कान दिलाती है अरमानों से सपनों की आहट अरमान सुनाती है इरादों की पुकार दिलाती है।

खयाल संग आशाओं की लहर पहचान दिलाती है उम्मीदों से जज्बातों की सोच इशारा सुनाती है एहसासों की पुकार दिलाती है।

खयाल संग आशाओं की राह किनारा दिलाती है बदलावों से सपनों की उमंग उजाला सुनाती है आवाजों की पुकार दिलाती है।

खयाल संग आशाओं की जज्बात कोशिश दिलाती है अदाओं से दास्तानों की सरगम तलाश सुनाती है कदमों की पुकार दिलाती है।

खयाल संग आशाओं की उम्मीद तराना दिलाती है किनारों से अल्फाजों की दुनिया पहचान सुनाती है इशारों की पुकार दिलाती है।

खयाल संग आशाओं की पहचान इरादा दिलाती है लम्हों से कदमों की सौगात जज्बात सुनाती है उम्मीदों की पुकार दिलाती है।

खयाल संग आशाओं की परख अरमान दिलाती है दास्तानों से सपनों की आहट बदलाव सुनाती है लहरों की पुकार दिलाती है।


Sunday, 2 February 2025

कविता. ५४०६. उम्मीद कोई एहसास संग।

                          उम्मीद कोई एहसास संग।

उम्मीद कोई एहसास संग आशाओं की मुस्कान देकर जाती है जज्बातों को बदलावों की तलाश अफसाना सुनाती है।

उम्मीद कोई एहसास संग आवाजों की पुकार देकर जाती है कदमों को अरमानों की सरगम अहमियत सुनाती है।

उम्मीद कोई एहसास संग सपनों की कोशिश देकर जाती है किनारों को अंदाजों की पहचान इशारा सुनाती है।

उम्मीद कोई एहसास संग किनारों की अदा देकर जाती है खयालों को राहों की सौगात मुस्कान सुनाती है।

उम्मीद कोई एहसास संग दास्तानों की सरगम देकर जाती है उजालों को आवाजों की आहट एहसास सुनाती है।

उम्मीद कोई एहसास संग तरानों की सुबह देकर जाती है अफसानों को दिशाओं की अहमियत अंदाज सुनाती है।

उम्मीद कोई एहसास संग खयालों की रोशनी देकर जाती है इशारों को तरानों की पहचान कोशिश सुनाती है।

उम्मीद कोई एहसास संग नजारों की समझ देकर जाती है लम्हों को अल्फाजों की दुनिया बदलाव सुनाती है।

उम्मीद कोई एहसास संग सपनों की आहट देकर जाती है लहरों को अरमानों की आस खयाल‌ सुनाती है।

उम्मीद कोई एहसास संग दिशाओं की परख देकर जाती है धाराओं को अंदाजों की आवाज सौगात सुनाती है।

Saturday, 1 February 2025

कविता. ५४०५. इशारों की आहट से।

                                 इशारों की आहट से।

इशारों की आहट से आशाओं संग उमंग तराना सुनाती है दास्तानों को नजारों की लहर अफसाना दिलाती है खयालों की सरगम सुनाती है।

इशारों की आहट से सपनों संग उम्मीद अरमान सुनाती है अदाओं को जज्बातों की पुकार बदलाव दिलाती है लम्हों की सरगम सुनाती है।

इशारों की आहट से उजालों संग सौगात अफसाना सुनाती है तरानों को अंदाजों की कोशिश लहर दिलाती है जज्बातों की सरगम सुनाती है।

इशारों की आहट से दिशाओं संग सुबह पहचान सुनाती है उम्मीदों को राहों की अहमियत बदलाव दिलाती है कदमों की सरगम सुनाती है।

इशारों की आहट से आवाजों संग धून परख सुनाती है अरमानों को अल्फाजों की सौगात तलाश दिलाती है किनारों की सरगम सुनाती है।

इशारों की आहट से अदाओं संग मुस्कान इरादा सुनाती है नजारों को उजालों की रोशनी खयाल दिलाती है तरानों की सरगम सुनाती है।

इशारों की आहट से अल्फाजों संग सोच पुकार सुनाती है एहसासों को अफसानों की सोच पहचान दिलाती है आशाओं की सरगम सुनाती है।

इशारों की आहट से कदमों संग समझ सपना सुनाती है धाराओं को अंदाजों की सुबह उम्मीद दिलाती है लम्हों की सरगम सुनाती है।

इशारों की आहट से एहसासों संग कोशिश पहचान सुनाती है अल्फाजों को राहों की आहट तलाश दिलाती है दास्तानों की सरगम सुनाती है।

इशारों की आहट से किनारों संग रोशनी आवाज सुनाती है बदलावों को धाराओं की पुकार नजारा दिलाती है दिशाओं की सरगम सुनाती है।

कविता. ५४६६. आशाओं की सरगम संग।

                            आशाओं की सरगम संग। आशाओं की सरगम संग लहर‌ इशारा दिलाती है अदाओं को सपनों की पुकार सौगात दिलाती है तरानों को उजाल...