Monday, 17 November 2025

कविता. ५६९४. खयालों की सरगम अक्सर।

                         खयालों की सरगम अक्सर।

खयालों की सरगम अक्सर कहानी सुनाती है अल्फाजों संग उजालों की सुबह बदलाव दिलाती है तरानों को उम्मीद दिलाती है।

खयालों की सरगम अक्सर जज्बात सुनाती है आवाजों संग अदाओं की रोशनी इरादा‌‌ दिलाती है उजालों को उम्मीद दिलाती है।

खयालों की सरगम अक्सर अंदाज सुनाती है नजारों संग इशारों की अहमियत पुकार दिलाती है आशाओं को उम्मीद दिलाती है।

खयालों की सरगम अक्सर तलाश सुनाती है कदमों संग तरानों की आहट मुस्कान दिलाती है राहों को उम्मीद दिलाती है।

खयालों की सरगम अक्सर सोच सुनाती है दिशाओं संग दास्तानों की समझ कोशिश दिलाती है लहरों को उम्मीद दिलाती है।

खयालों की सरगम अक्सर परख सुनाती है किनारों संग अंदाजों की पहचान तराना दिलाती है एहसासों को उम्मीद दिलाती है।

खयालों की सरगम अक्सर‌ सौगात सुनाती है अरमानों संग इशारों की तलाश अफसाना दिलाती है बदलावों को उम्मीद दिलाती है।

खयालों की सरगम अक्सर तलाश सुनाती है धाराओं संग बदलावों की सोच अहमियत दिलाती है सपनों को उम्मीद दिलाती है।

खयालों की सरगम अक्सर आवाज सुनाती है राहों संग धाराओं की सौगात एहसास दिलाती है अंदाजों को उम्मीद दिलाती है।

खयालों की सरगम अक्सर इशारा सुनाती है उजालों संग अरमानों की सोच दास्तान दिलाती है जज्बातों को उम्मीद दिलाती है।

No comments:

Post a Comment

कविता. ५७५२. लम्हों की रोशनी संग।

                             लम्हों की रोशनी संग। लम्हों की रोशनी संग उम्मीदों की कहानी एक तलाश दिलाती है कदमों को जज्बातों की सरगम अक्सर खय...