Friday, 16 January 2026

कविता. ५७५४. आहट की पहचान से।

                         आहट की पहचान से।

आहट की पहचान से जज्बातों की सरगम एहसास दिलाती है उजालों को सपनों की पुकार अक्सर अरमान देकर जाती है।

आहट की पहचान से धाराओं की सोच अफसाना दिलाती है लहरों को किनारों की आवाज अक्सर अरमान देकर जाती है।

आहट की पहचान से आशाओं की कोशिश कहानी दिलाती है अल्फाजों को राहों की रोशनी अक्सर अरमान देकर जाती है।

आहट की पहचान से किनारों की आस खयाल दिलाती है अंदाजों को उजालों की समझ अक्सर अरमान देकर जाती है।

आहट की पहचान से कदमों की अहमियत दास्तान दिलाती है बदलावों को तरानों की उम्मीद अक्सर अरमान देकर जाती है।

आहट की पहचान से दिशाओं की महफिल सरगम दिलाती है लम्हों को एहसासों की कोशिश अक्सर अरमान देकर जाती है।

आहट की पहचान से अफसानों की उमंग पुकार दिलाती है खयालों को इरादों की अंदाज अक्सर अरमान देकर जाती है।

आहट की पहचान से राहों की तलाश एहसास दिलाती है जज्बातों को आशाओं की परख अक्सर अरमान देकर जाती है।

आहट की पहचान से लम्हों की रोशनी मुस्कान दिलाती है उम्मीदों को अल्फाजों की दुनिया अक्सर अरमान देकर जाती है।

आहट की पहचान से अदाओं की आवाज अंदाज दिलाती है कदमों को अफसानों की सौगात अक्सर अरमान देकर जाती है।


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