Thursday, 29 January 2026

कविता. ५७६७. एक तराना।

                                  एक तराना।

एक तराना आशाओं की पहचान संग मुस्कान दिलाता है उजालों संग दास्तानों की समझ अक्सर आहट देकर जाती है।

एक तराना दिशाओं की महफिल संग आवाज दिलाता है जज्बातों संग किनारों की मुस्कान अक्सर आहट देकर जाती है।

एक तराना से लहरों की कहानी संग सरगम दिलाता है आशाओं संग अफसानों की सौगात अक्सर आहट देकर जाती है।

एक तराना कदमों की अहमियत संग सुबह दिलाता है नजारों संग सपनों की पहचान अक्सर आहट देकर जाती है।

एक तराना अरमानों की उमंग संग अल्फाज दिलाता है इशारों संग उम्मीदों की सरगम अक्सर आहट देकर जाती है।

एक तराना अदाओं की रोशनी संग खयाल दिलाता है लम्हों संग तरानों की महफिल अक्सर आहट देकर जाती है।

एक तराना जज्बातों की परख संग इरादा दिलाता है आवाजों संग दिशाओं की राह अक्सर आहट देकर जाती है।

एक तराना किनारों की मुस्कान संग एहसास दिलाता है खयालों संग अंदाजों की सुबह अक्सर आहट देकर जाती है।

एक तराना एहसासों की आस संग अहमियत दिलाता है राहों संग धाराओं की सौगात अक्सर आहट देकर जाती है।

एक तराना अंदाजों की पुकार संग दास्तान दिलाता है आवाजों संग कदमों की सोच अक्सर आहट देकर जाती है।


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कविता. ५७६७. एक तराना।

                                  एक तराना। एक तराना आशाओं की पहचान संग मुस्कान दिलाता है उजालों संग दास्तानों की समझ अक्सर आहट देकर जाती है...