Sunday, 18 January 2026

कविता. ५७५६. आवाज कोई नयीसी।

                          आवाज कोई नयीसी।

आवाज कोई नयीसी कहानी सुनाती है सरगम‌ आसमानी खयालों की कश्ती देकर जाती है अदाओं की धून दिलाती है।

आवाज कोई नयीसी आहट सुनाती है पुकार आसमानी दिशाओं की लहर‌ देकर जाती है कदमों की धून दिलाती है।

आवाज कोई नयीसी पहचान सुनाती है दास्तान आसमानी उम्मीदों की तलाश देकर जाती है उजालों की धून दिलाती है।

आवाज कोई नयीसी सौगात सुनाती है कोशिश आसमानी राहों की आहट देकर जाती है जज्बातों की धून दिलाती है।

आवाज कोई नयीसी कोशिश सुनाती है एहसास आसमानी तरानों की आस देकर जाती है अंदाजों की धून दिलाती है।

आवाज कोई नयीसी सोच सुनाती है इरादा‌ आसमानी अफसानों की अहमियत देकर जाती है किनारों की धून‌ दिलाती है।

आवाज कोई नयीसी परख सुनाती है मुस्कान आसमानी लम्हों की कोशिश देकर जाती है नजारों की धून दिलाती है।

आवाज कोई नयीसी सुबह सुनाती है आस आसमानी‌‌ उजालों की सुबह देकर जाती है एहसासों की धून दिलाती है।

आवाज कोई नयीसी अफसाना सुनाती है तलाश आसमानी नजारों की राह देकर जाती है बदलावों की धून दिलाती है।

आवाज कोई नयीसी आस सुनाती है जज्बात आसमानी कदमों की महफिल देकर जाती है उजालों की धून दिलाती है।

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