Monday, 26 January 2026

कविता. ५७६४. आशाओं संग मुस्कान अक्सर।

                       आशाओं संग मुस्कान अक्सर।

आशाओं संग मुस्कान अक्सर कोशिश दिलाती है लम्हों को एहसासों की महफिल उमंग सुनाती है इशारों की तलाश दिलाती है।

आशाओं संग मुस्कान अक्सर अरमान दिलाती है जज्बातों को बदलावों की राह इरादा‌ सुनाती है कदमों की तलाश दिलाती है।

आशाओं संग मुस्कान अक्सर सरगम दिलाती है उम्मीदों को खयालों की अहमियत पुकार सुनाती है अदाओं की तलाश दिलाती है।

आशाओं संग मुस्कान अक्सर कहानी दिलाती है तरानों को अफसानों की सोच सौगात सुनाती है किनारों की तलाश दिलाती है।

आशाओं संग मुस्कान अक्सर आवाज दिलाती है अंदाजों को सपनों की आस पहचान सुनाती है दिशाओं की तलाश दिलाती है।

आशाओं संग मुस्कान अक्सर समझ दिलाती है लहरों को किनारों की सुबह एहसास सुनाती है अरमानों की तलाश दिलाती है।

आशाओं संग मुस्कान अक्सर रोशनी दिलाती है कदमों को उम्मीदों की लहर अंदाज सुनाती है उजालों की तलाश दिलाती है।

आशाओं संग मुस्कान अक्सर अफसाना दिलाती है दास्तानों को लहरों की सरगम आहट सुनाती है जज्बातों की तलाश दिलाती है।

आशाओं संग मुस्कान अक्सर बदलाव दिलाती है अल्फाजों को नजारों की आवाज कोशिश सुनाती है राहों की तलाश दिलाती है।

आशाओं संग मुस्कान अक्सर अंदाज दिलाती है धाराओं को दिशाओं की आहट पुकार सुनाती है बदलावों की तलाश दिलाती है।

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कविता. ५८३५. सपनों की आशाओं संग।

                          सपनों की आशाओं संग। सपनों की आशाओं संग कदमों को अल्फाजों की पहचान इशारा दिलाती है उजालों को उम्मीदों की समझ किनारा...