Saturday, 24 January 2026

कविता. ५७६२. लहरों की कहानी से मिलकर।

                       लहरों की कहानी से मिलकर।

लहरों की कहानी से मिलकर आवाजों से धून एहसास दिलाती है दास्तानों को नजारों की सुबह मुस्कान देकर जाती है।

लहरों की कहानी से मिलकर किनारों से आस तलाश दिलाती है इशारों को अदाओं की अहमियत मुस्कान देकर जाती है।

लहरों की कहानी से मिलकर अरमानों से सरगम बदलाव दिलाती है जज्बातों को सपनों की रोशनी मुस्कान देकर जाती है।

लहरों की कहानी से मिलकर तरानों से पहचान कोशिश दिलाती है खयालों को एहसासों की पुकार मुस्कान देकर जाती है।

लहरों की कहानी से मिलकर अंदाजों से परख उम्मीद दिलाती है धाराओं को दिशाओं की आवाज मुस्कान देकर जाती है।

लहरों की कहानी से मिलकर उम्मीदों से सौगात नजारा दिलाती है अरमानों को कदमों की आहट मुस्कान देकर जाती है।

लहरों की कहानी से मिलकर खयालों से सुबह दास्तान दिलाती है तरानों को बदलावों की समझ मुस्कान देकर जाती है।

लहरों की कहानी से मिलकर आशाओं से तलाश जज्बात दिलाती है आवाजों को धाराओं की कोशिश मुस्कान देकर जाती है।

लहरों की कहानी से मिलकर नजारों से सोच एहसास दिलाती है लम्हों को आशाओं की महफिल मुस्कान देकर जाती है।

लहरों की कहानी से मिलकर उजालों से कोशिश तलाश दिलाती है किनारों को कदमों की समझ मुस्कान देकर जाती है।

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                                  एक तराना। एक तराना आशाओं की पहचान संग मुस्कान दिलाता है उजालों संग दास्तानों की समझ अक्सर आहट देकर जाती है...