Wednesday, 28 January 2026

कविता. ५७६६. सपनों की आहट अक्सर।

                          सपनों की आहट अक्सर।

सपनों की आहट अक्सर आवाज संग धून दिलाती है अदाओं को एहसासों की समझ अफसाना सुनाती है आशाओं की रोशनी दिलाती है।

सपनों की आहट अक्सर मुस्कान संग तलाश दिलाती है कदमों को अल्फाजों की उमंग कोशिश सुनाती है तरानों की रोशनी दिलाती है।

सपनों की आहट अक्सर जज्बात संग एहसास दिलाती है दिशाओं को बदलावों की सोच इशारा सुनाती है नजारों की रोशनी दिलाती है।

सपनों की आहट अक्सर परख संग अरमान दिलाती है खयालों को किनारों की दुनिया सरगम सुनाती है लम्हों की रोशनी दिलाती है।

सपनों की आहट अक्सर सुबह संग पहचान दिलाती है अरमानों को लम्हों की अहमियत जज्बात सुनाती है किनारों की रोशनी दिलाती है।

सपनों की आहट अक्सर कहानी संग खयाल दिलाती है धाराओं को उम्मीदों की सुबह पुकार सुनाती है दास्तानों की रोशनी दिलाती है।

सपनों की आहट अक्सर आस संग कोशिश दिलाती है इशारों को जज्बातों की पहचान खयाल सुनाती है आवाजों की रोशनी दिलाती है।

सपनों की आहट अक्सर लहर संग पुकार दिलाती है उजालों को अंदाजों की सौगात मुस्कान सुनाती है राहों की रोशनी दिलाती है।

सपनों की आहट अक्सर समझ संग सुबह दिलाती है बदलावों को अदाओं की धून एहसास सुनाती है उम्मीदों की रोशनी दिलाती है।

सपनों की आहट अक्सर दास्तान संग आवाज दिलाती है किनारों को धाराओं की पहचान आस सुनाती है लहरों की रोशनी दिलाती है।


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कविता. ५७६७. एक तराना।

                                  एक तराना। एक तराना आशाओं की पहचान संग मुस्कान दिलाता है उजालों संग दास्तानों की समझ अक्सर आहट देकर जाती है...