Monday, 19 January 2026

कविता. ५७५७. अंदाजों की धारा संग।

                             अंदाजों की धारा संग।

अंदाजों की धारा संग आशाएं अक्सर पुकार दिलाती है इशारों को जज्बातों की रोशनी सरगम सुनाती है खयालों को सपना देकर जाती है।

अंदाजों की धारा संग उम्मीद अक्सर अरमान दिलाती है उजालों को कदमों की आस पहचान सुनाती है लहरों को सपना देकर जाती है।

अंदाजों की धारा संग आवाज अक्सर बदलाव दिलाती है दिशाओं को लम्हों की कहानी एहसास सुनाती है तरानों को सपना देकर जाती है।

अंदाजों की धारा संग कोशिश अक्सर मुस्कान दिलाती है अल्फाजों को दास्तानों की सोच उमंग सुनाती है राहों को सपना देकर जाती है।

अंदाजों की धारा संग आहट अक्सर दास्तान दिलाती है नजारों को लहरों की अहमियत कहानी सुनाती है बदलावों को सपना देकर जाती है।

अंदाजों की धारा संग पहचान अक्सर कोशिश दिलाती है अफसानों को कदमों की सौगात जज्बात सुनाती है दिशाओं को सपना देकर जाती है।

अंदाजों की धारा संग खयाल अक्सर सरगम दिलाती है आशाओं को दास्तानों की समझ कोशिश सुनाती है नजारों को सपना देकर जाती है।

अंदाजों की धारा संग सोच अक्सर उजाला दिलाती है‌ लम्हों को एहसासों की पुकार आहट सुनाती है उम्मीदों को सपना देकर जाती है।

अंदाजों की धारा संग सौगात अक्सर अरमान दिलाती है दिशाओं को किनारों की आवाज एहसास सुनाती है राहों को सपना देकर जाती है।

अंदाजों की धारा संग तलाश अक्सर अफसाना दिलाती है उम्मीदों को तरानों की सरगम उमंग सुनाती है आवाजों को सपना देकर जाती है।


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कविता. ५७५९. दिशाओं को दास्तानों संग।

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