Tuesday, 20 January 2026

कविता. ५७५८. उजालों की रोशनी अक्सर।

                       उजालों की रोशनी अक्सर।

उजालों की रोशनी अक्सर एहसास दिलाती है दिशाओं को दास्तानों संग जज्बातों की मुस्कान सुनाकर आवाज दिलाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर अफसाना दिलाती है लहरों को खयालों संग अल्फाजों की अहमियत सुनाकर आवाज दिलाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर तलाश दिलाती है बदलावों को धाराओं संग किनारों की पहचान सुनाकर आवाज दिलाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर पुकार दिलाती है राहों को अरमानों संग कदमों की सुबह सुनाकर आवाज दिलाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर उमंग दिलाती है लम्हों को उम्मीदों संग अदाओं की सौगात सुनाकर आवाज दिलाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर अरमान दिलाती है जज्बातों संग बदलावों की आहट सुनाकर आवाज दिलाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर अल्फाज दिलाती है किनारों को आशाओं संग राहों की सोच सुनाकर आवाज दिलाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर परख दिलाती है नजारों को अफसानों संग लहरों की कहानी सुनाकर‌ आवाज दिलाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर उम्मीद दिलाती है दिशाओं को लम्हों संग उम्मीदों की पहचान सुनाकर आवाज दिलाती है।

उजालों की रोशनी अक्सर तराना‌ दिलाती है अदाओं को इशारों संग अंदाजों की सौगात सुनाकर आवाज दिलाती है।

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कविता. ५७५९. दिशाओं को दास्तानों संग।

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