Sunday, 3 December 2023

कविता. ५००९. हवाओं मे छुपी कोई।

                                 हवाओं मे छुपी कोई।

हवाओं मे छुपी कोई कहानी इशारे देती है मन मे एक सरगम के तराने देती है किनारों को अल्फाजों संग मुस्कान तलाश दिलाती है जज्बातों को आहट इरादा देती है।

हवाओं मे छुपी कोई कोशिश तराने देती है मन मे एक उमंग के नजारे देती है दिशाओं को अरमानों संग पहचान सुबह दिलाती है लहरों को आस इरादा देती है।

हवाओं मे छुपी कोई उम्मीद लहरे देती है मन मे एक सौगात के दास्ताने देती है एहसासों को अदाओं संग आवाज उजाला दिलाती है सपनों को रोशनी इरादा देती है।

हवाओं मे छुपी कोई तलाश अफसाने देती है मन मे एक सुबह के उजाले देती है आवाजों को राहों संग मुस्कान बदलाव दिलाती है लम्हों को याद इरादा देती है।

हवाओं मे छुपी कोई सरगम किनारे देती है मन मे एक आहट के लहरे देती है जज्बातों को कदमों संग अहमियत तराना दिलाती है किनारों को समझ इरादा देती है।

हवाओं मे छुपी कोई उमंग सपने देती है मन मे एक मुस्कान के उम्मीदे देती है नजारों को खयालों संग कोशिश सोच दिलाती है अरमानों को रोशनी इरादा देती है।

हवाओं मे छुपी कोई सौगात लम्हे देती है मन मे एक आस के सहारे देती है उजालों को सपनों संग आहट रोशनी दिलाती है कदमों को अदा इरादा देती है।

हवाओं मे छुपी कोई आवाज दास्ताने देती है मन मे एक लहर के अफसाने देती है अरमानों को आशाओं संग उमंग तराना दिलाती है खयालों को लहर इरादा देती है।

हवाओं मे छुपी कोई लहर नजारे देती है मन मे एक अंदाज के उम्मीदे देती है किनारों को अल्फाजों संग अहमियत जज्बात दिलाती है उजालों को उमंग इरादा देती है।

हवाओं मे छुपी कोई मुस्कान किनारे देती है मन मे एक राह के दास्ताने देती है लहरों को नजारों संग कोशिश तलाश दिलाती है एहसासों को आहट इरादा देती है।

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