Tuesday, 30 September 2025

कविता. ५६४६. लहरों को अल्फाजों की।

                            लहरों को अल्फाजों की।

लहरों को अल्फाजों की सौगात दिशा देती है बदलावों को धाराओं की समझ किनारे देती है अरमानों को लम्हों की कहानी देती है।

लहरों को अल्फाजों की कोशिश आस देती है उजालों को कदमों की आस पहचान देती है तरानों को अफसानों की कहानी देती है।

लहरों को अल्फाजों की रोशनी मुस्कान देती है एहसासों को जज्बातों की आहट तलाश देती है अदाओं को किनारों की कहानी देती है।

लहरों को अल्फाजों की सोच सरगम देती है सपनों को अंदाजों की पुकार बदलाव देती है खयालों को इशारों की कहानी देती है।

लहरों को अल्फाजों की उमंग अहमियत देती है राहों को आवाजों की धून एहसास देती है दास्तानों को नजारों की कहानी देती है।

लहरों को अल्फाजों की समझ सुबह देती है दिशाओं को तरानों की महफिल उम्मीद देती है बदलावों को धाराओं की कहानी देती है।

लहरों को अल्फाजों की लहर नजारा देती है उम्मीदों को अरमानों की सुबह रोशनी देती है जज्बातों को दिशाओं की कहानी देती है।

लहरों को अल्फाजों की दुनिया तराना देती है अदाओं को किनारों की मुस्कान दास्तान देती है तरानों को बदलावों की कहानी देती है।

लहरों को अल्फाजों की पुकार तलाश देती है आशाओं को राहों की दुनिया इशारा देती है आवाजों को अफसानों की कहानी देती है।

लहरों को अल्फाजों की पहचान सोच देती है जज्बातों को इशारों की तलाश पुकार देती है खयालों को अदाओं की कहानी देती है।

No comments:

Post a Comment

कविता. ५७५३. तलाश कोई उमंग संग।

                         तलाश कोई उमंग संग। तलाश कोई उमंग संग लहरों की पहचान दिलाती है अरमानों की महफिल से आवाजों की धून अक्सर एहसास सुनाती ...