Thursday, 10 March 2016

कविता ५५१. मौसम कि आवाज

                                           मौसम कि आवाज
हर मौसम कि आवाज कोई कहानी तो कहती है कोई किस्सा सुनाती है हमे जीवन का हिस्सा चुपके से बना लेती है
हर मौसम के सहारे जीवन कि कहानी बदलती है जो जीवन कि हर लहर को अपनी सौगाद बना देती है जीवन कि अलग मिसाल बन जाती है
मौसम के अंदर जीवन को समझ लेने कि जरुरत हर बार लगती है जो हमारी दुनिया को मतलब दे जाती है पर एक बात तो बहोत बूरी है
उस बात को समझ लेने कि जरुरत हर मौसम मे होती है मौसम के बदलाव को ही समझ लेना जीवन कि सबसे बडी अहमियत होती है
मौसम तो बदलते जाते है पर उनके अंदर ही साँसे उम्मीदे भर देती है जिन्हे समझ लेने कि हर मोड पर अक्सर जरुरत होती है
मौसम कि हर परछाई हमे आँसू और मुस्कान दे जाती है चाहे कितना भी इन्सान आगे बढ जाये पर उसके मन के कोने मे मौसम कि हुकूमत होती है
बदलते मौसम के साथ हमारी किस्मत हर पल बदलती है उस मौसम को समझ लेने कि दुनिया मे हर मोड हर राह पर जरुरत होती है
मौसम के ताकद पर ही कई बार हमारी किस्मत बनती और बिघड जाती है मौसम के अंदर ही दुनिया कि जीवन कि हकीकत छुपी होती है
मौसम तो हर मोड पर बदलता है जीवन मे मौसम को समझकर जी लेने कि हर बार जरुरत होती है मौसम के अंदर ही जीवन को सही करने कि ताकद होती है
मौसम के बदलाव से ही दुनिया बदलती है जीवन मे मौसम को बदल लेने कि हर बार जरुरत पडती है जो जीवन पर हर बार असर करती है

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