Saturday, 27 February 2016

कविता ५२७. जीवन कि अच्छाई

                                      जीवन कि अच्छाई
जीवन कि अच्छाई तब हमे दिखती है जब जीवन को मतलब देने कि बारी हमारी होती है मकसद से हटने कि जरुरत नही होती है जब सही दिशा मे चलने कि जरुरत होती है
जीवन कि सच्चाई उस अच्छाई मे होती है जो जीवन को सतरंगी दुनिया चुटकी मे देती है जीवन को नई सोच हर मोड पर देती है
अच्छाई और सच्चाई एक सिक्के के दो पेहलू होते है जिन्हे समझ लेने कि जीवन को हर बार जरुरत मेहसूस होती है उनमे अहमियत होती है
सीधी बाते कभी कभी सच्ची लगती है जिन्हे समझ लेने कि जीवन को जरुरत होती है अच्छाई तो जीवन कि वह शुरुआत होती है
जो जीवन को हर कदम पर रोशनी दे जाती है जीवन कि हर चाल सतरंगी होती है जो अपनी दुनिया मे खुशियाँ भर जाती है हमे ताकद देती है
अच्छाई से बेहतर जीवन कि कोई राह नही होती है जीवन को हर मोड पर अच्छाई छू जाती है जो जीवन कि रोशनी बन कर चारो ओर दिखती है
अच्छी बात को  लेने कि हर बार जरुरत होती है जीवन मे अच्छी बात ही हर मोड पर जरुरी और अहम होती है जो जीवन को मतलब दे जाती है
अच्छाई कि रोशनी जो जीवन को छू जाती है वह रोशनी दे जाती है मन के उस हिस्से को जिसमे हमारी दुनिया हर बार जिन्दा रहती है
हर अच्छी बात जो जीवन को समझदारी सिखाती है पर कई बार अच्छी बात भी जीवन मे काफी नही लगती है जिसकी हमे हर बार जरुरत होती है
उस अच्छाई को समझ लेना जरुरी है जिसकी बजह से हमारी दुनिया खुबसूरत होती है जीवन कि धारा मे सबसे ज्यादा अच्छाई कि जरुरत होती है

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