Wednesday, 30 September 2015

कविता २२६. जीवन का फैसला

                                  जीवन का फैसला
हर बार जो वादीओं कि गुंज हम सुनते है हर समय किसी ना किसी चीज़ को समजाना चाहते है जीवन के हर मोड़ पर हम कुछ एहसास चाहते है जिन्हें हर पल समज लेना चाहते है
पर फुरसत कहा है उस दुनिया को जिसमें लोग सिर्फ़ अपनी राह ढूँढते रहते है हर बार जीवन के अंदर सही तरह कि सोच हम जीवन मे रखना हर बार चाहते है
पर लोग सिर्फ़ मुनाफा चाहते है और उसे देखकर ही अपनी राह चुन लेते है तो उन्हें क्या वादीओं से और फूलों से जो हर बार सिर्फ़ दौलत चुन लेते है
हर बार जो दुनिया को समजे तो दुनिया के अलग रंग दिखाते है जब जब जीवन मे लोग सिर्फ़ दौलत चाहते है वह उम्मीदें जो मन को ख़ुशियाँ देती है
हर पल जीवन के अंदर हम अलग किसम कि सोच जो हर बार हम रखते है वह कुछ लोग तो सिर्फ़ दौलत को ही समज पाते है उनके लिए ना अहम होगी तो उन्हें दिखानी क्यूँ है
जो हम चाहते है वहीं कहानी हमे उन्हें समजानी ही क्यूँ है जो जिस चीज़ ख़ुश है उसी से बनती है उस इन्सान कि जिन्दगी सुहानी जीवन के अंदर अलग मंझिल है और सबकी होती है
एक अलग तरह कि जिन्दगी तो उन्हें अपने मन से जीने दे तो ही हम जी सकते है वह जिन्दगी बनती है अलग अलग रंगों कि जिन्दगानी दिखाती है हर बार उम्मीद कोई जो हर बार सुहानी है
जीवन के अंदर का हर रंग जो हम समजे तो जिन्दगी कि हर प्यास बनती है जीवन के ख़ातिर हर सुहानी क्योंकि ग़लत और सही फैसलों से जीवन कि कहानी बनती है
जब फ़ैसला हमारे जीवन को आगे बढाता है तो ही इन्सान जीवन को समज जाता है आगे जाना ही तो सही ग़लत तय करता है और कभी कभी तो जो आपके लिए सही है वह दूसरे के लिए ग़लत निकल आता है
जीवन को परखे तो जीवन अलग रंग दिखाता है जीवन का फ़ैसला जीवन पर कुछ ना कुछ तो असर हर बार दिखाता है जीवन को हर बार रोशन कर जाता है क्योंकि ग़लत हो तो गलती दिखाता है सही हो तो जीवन सही दिशा मे बढ़ जाता है

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