Tuesday, 22 September 2015

कविता २११ सही और ग़लत खयाल

                                     सही और ग़लत खयाल
उन्हें क्या समजाये जो समज को पीछे छोड़ चुके है क्या उनके मन को तसल्ली दे जो जीवन को समज चुके है फिर भी आँखे बंद कर के बैठे रहते है मन मे तसल्ली पाते है
जब जीवन के अंदर लोग कई चीज़ें वह पाते है पर ग़लत चीज़ें भी जीवन मे अलग अलग तरह के असर पाती है हर सोच के अंदर हम अलग तरीक़े के ख़याल जीवन मे आते है
तरह तरह के विचार जो मन के अंदर नई सोच जो जीवन के अंदर कई तरह के असर होते है हर तरह कि सोच जो मन मे छू जाती है सोच जो हमे नये ख़याल जीवन मे आते है
सही ख़याल जो जीवन के अंदर आते है उन्हें हम हर बार हम समज लेना चाहते है सही दिशा मे हर कदम पर ख़ुशियाँ लाते है पर जो यह सोच खुद से रखते है
वह हर बार सही दिशा मे रखते है जीवन को अलग अलग विचार मन के अंदर नये विचार जीवन मे आते है जीवन के अंदर ख़याल तो अलग अलग अक्सर होते है
हर तरह विचार जो हमे सही दिशा मे होते है सही ख़याल मन मे रखते है पर देख ना है कि कई बार सही विचार होते हुए ही फिर भी ग़लत ख़यालों से ही आगे बढ़ जाते है
कई विचार जो मन को चोट दे जाते है उन पर कुछ तो असर हर बार ख़ुशियाँ दे जाते है मन के अंदर हम कुछ ना कुछ असर तो जीवन पर कर जाते है
सही ख़याल जो जीवन मे ख़ुशियाँ लाते है हर सोच के अंदर ग़लत ख़याल जीवन मे दुःख हमेशा लाते है ख़ुशियाँ जो पहले हमे दे के धोका दे जाते है वह जीवन पर असर कर जाती है
क्योंकि उन ख़यालों को जो जीवन पे हर पल असर तो कर जाते है वह ख़याल ग़लत होते है पर जो वह खुद से नहीं समज पाते वह जीवन कि सही दिशा को कभी ना जीवन मे समज पाते है
सही ख़याल जो ग़लत से सही दिशा मे बदलते जाते है उन्हें परखे तो जीवन मे उन्हें जिन्दा कर जाते है ग़लत ख़याल जो जीवन को सही दिशा दिखाते है उन्हें हम अपने दिल मे रख सकते है पर लोगों को नहीं समजा पाते है

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